झाबुआ के ग्राम कोदली में महंगे शौक पूरे करने के लिए भांजे ने मौसी के घर लूट की और छह साल के भाई उत्कर्ष की हत्या कर दी। …और पढ़ें

HighLights
- पांच मई को घर में अकेली रमीलाबाई और उत्कर्ष खून से लथपथ मिले थे
- पुलिस ने जितेंद्र उर्फ जीतू और उसके दोस्त चिराग को गिरफ्तार किया
- दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में ऐशोआराम के लिए वारदात कबूली
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। झाबुआ जिले के ग्राम कोदली में छह वर्षीय मासूम बालक उत्कर्ष की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। महंगे शौक और ऐशोआराम की पूर्ति के लिए मौसी के घर में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। मौसी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया और छह वर्षीय मासूम बालक की हत्या कर दी गई।
झकनावदा के सूने मकानों में चोरी की घटना का भी खुलासा किया गया है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में दी। इस माह पांच मई को कोदली निवासी उत्कर्ष पुत्र शैलेंद्र नायक और उसकी दादी रमीलाबाई गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ मिले थे। परिजन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पेटलावद ले गए, जहां चिकित्सकों ने उत्कर्ष को मृत घोषित कर दिया।
जीतू और चिराग को गिरफ्तार किया
अंतिम संस्कार के दौरान थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया को मुखबिर से बालक की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्वजन को समझाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी किया। छह मई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालक की मृत्यु मानव द्वारा कारित चोटों से होना पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जितेंद्र उर्फ जीतू और चिराग को गिरफ्तार किया गया है।
दोस्त के साथ मिलकर की वारदात
सभी शादी में गए हुए थे। घर में मौसी और उनके पोते उत्कर्ष को अकेला पाकर दोस्त चिराग के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया। लूट के साथ मौसी और उत्कर्ष को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल रमीलाबाई को बड़ौदा उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी।
जितेंद्र ने मासूम के अंतिम संस्कार में भी शामिल होकर नाटक किया, लेकिन बाद में वह फरार हो गया। आरोपितों ने स्वीकार किया कि महंगे शौक, ऐशो-आराम और पैसों के लिए उन्होंने यह लूट और हत्याकांड किया।
