मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा ( MP TET exam) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। …और पढ़ें

HighLights
- नई गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में जुटा है स्कूल शिक्षा विभाग
- शिक्षक संगठन की 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग
- शिक्षक संगठन राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने की कर चुका है घोषणा
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा ( MP TET exam) को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग जुलाई या अगस्त में टीईटी (TET) आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है।
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आयुक्त ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भरोसा दिलाया है कि परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे शिक्षक घर बैठे ही अध्ययन कर सकेंगे और परीक्षा की बेहतर तैयारी कर पाएंगे।
नई गाइडलाइन जारी करने की तैयारी
विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप टीईटी (MP TET) से संबंधित नई गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में भी जुटा है। साथ ही वर्ष 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से चयनित शिक्षकों को टीईटी के दायरे में शामिल किया जाए या नहीं, इस पर भी मंथन चल रहा है। इस संबंध में विधि विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।
टीईटी (MP TET) को लेकर बढ़ी शिक्षकों की चिंता
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद मध्य प्रदेश समेत देशभर के शिक्षक संगठनों में चिंता का माहौल है। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने इस मुद्दे को लेकर 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने की घोषणा की है।
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर और प्रदेश महामंत्री राकेश गुप्ता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के 29 मई 2026 के फैसले के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत देने की मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्तियां उस समय लागू नियमों के तहत वैध रूप से हुई थीं। ऐसे में उनके सेवा अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संसद में आवश्यक कानूनी संशोधन किए जाने चाहिए।
इसी मांग को लेकर 18 जून को जिलों में कलेक्टरों के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
