पानसेमल के कन्या शिक्षा परिसर में 9वीं कक्षा की छात्रा निर्जला वास्कले की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने …और पढ़ें

HighLights
- पुलिस पर जांच में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए
- मृतका के पिता ने बेटी की हत्या की आशंका जताई
- छात्रावास के कर्मचारियों पर भी सवाल खड़े किए
नईदुनिया प्रतिनिधि, पानसेमल (बड़वानी) : छात्रावास में छात्रा की मौत के बाद रविवार को मामला उस समय गरमा गया, जब परिजनों, ग्रामीणों और समाजजनों ने छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर खेतिया-सेंधवा स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब छह घंटे तक चले जाम के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग छात्रावास की अधीक्षिका को हटाने, निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की थी।
शनिवार को हुई घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। रविवार को प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में परिजनों एवं समाजजनों से कई दौर की चर्चा हुई। छात्रावास की अधीक्षिका को हटाए जाने तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
अधिकारियों ने कई बार समझाने का किया प्रयास
चक्काजाम के दौरान एसडीएम रमेश सिसोदिया, एसडीओपी बीएल अटोदे, तहसीलदार सुनील सिसोदिया सहित जिला अधिकारियों और समाज के वरिष्ठजनों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों एवं परिजनों से चर्चा की। दो से तीन बार बातचीत के प्रयास किए गए, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने से चक्काजाम जारी रहा। बाद में एडीएम हेमलता सोलंकी डावर, जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त रंजना सिंह और एडिशनल एसपी धीरज बब्बर सहित अन्य अधिकारियों ने भी परिजनों से चर्चा की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
शनिवार को थाने पर भी हुआ था प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि छात्रा की मौत की घटना के बाद शनिवार को भी परिजनों एवं समाजजनों ने अपनी मांगों को लेकर थाने पर प्रदर्शन किया था। रविवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा शव का परीक्षण किया गया। इसके बावजूद परिजन और समाजजन अपनी मांगों पर अड़े रहे और हाईवे पर चक्काजाम जारी रखा।
अब यह मेरी बेटी नहीं, समाज की बेटी है
प्रदर्शन के दौरान मृतका के पिता ने भावुक होकर कहा कि “अब यह मेरी बेटी नहीं, समाज की बेटी है। जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सामूहिक रूप से लिया जाएगा।” इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजजन मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस बोली—तत्परता से की गई कार्रवाई
परिजनों की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जाने के बीच एडिशनल एसपी धीरज बब्बर ने कहा कि पुलिस ने मामले में तत्परता से कार्रवाई की है। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की हर पहलू से जांच करने तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद छात्रावास की अधीक्षिका को हटाने की कार्रवाई की बात सामने आई। प्रशासन और पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने के बाद करीब छह घंटे से चल रहा चक्काजाम समाप्त हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया। मामले में अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
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