नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । मध्य प्रदेश के शासकीय और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट यूजी-2026 की प्रथम चरण की काउंसलिंग का परिणाम सोमवार रात को घोषित किया गया।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने प्रोविजनल अलाटमेंट सूची जारी की है, जिसमें प्रदेश के कुल 15,828 पात्र अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं।
पहले दौर में कुल 6,169 अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए गए हैं, जिनमें एमबीबीएस की 5,366 सीटें और बीडीएस की करीब 803 सीटें शामिल हैं।
दूसरी ओर, 9,659 अभ्यर्थियों की स्थिति नाट-अलाटेड दर्शाई गई है, जिन्हें इस चरण में कोई सीट नहीं मिली। 482 अंक (स्टेट रैंक करीब 3294 से 3332) हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को निजी कालेजों की एमबीबीएस सीटों में अस्थायी प्रवेश मिला।
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अलग-अलग कैटगिरी में बंटी सींटे
शासकीय मेडिकल कॉलेज में आरक्षित वर्गों के तहत एमजीएम इंदौर (एसटी वर्ग) में स्टेट रैंक 3319 (482 अंक), जीआरएमसी ग्वालियर (एससी वर्ग) में स्टेट रैंक 3313 (482 अंक) और शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम (एससी वर्ग) में स्टेट रैंक 3309 (482 अंक) पर अंतिम शासकीय सीटें आवंटित हुईं।
निजी मेडिकल कालेज में 482 अंकों पर अमलतास इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (देवास), एलएनसीटी मेडिकल कालेज (इंदौर), इंडेक्स मेडिकल कालेज (इंदौर) और राम कृष्णा मेडिकल कालेज (भोपाल) में सामान्य, ईडब्ल्यूएस व ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को अंतिम सीटें आवंटित की गईं।
अनारक्षित श्रेणी के तहत करीब 3,150 सीटें आवंटित हुई हैं, जिसमें एमजीएम इंदौर, जीएमसी भोपाल और जीआरएमसी ग्वालियर की ओपन सीटें अभ्यर्थियों की पहली पसंद बनीं।
अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को करीब 1,550 सीटें मिली हैं। दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सैनिक कोटे के तहत 50 से अधिक सीटों का आवंटन हुआ है।
प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 5,725 और बीडीएस की 1,283 सीटें मौजूद हैं।
