14 मई को टीम ने जाल बिछाया और स्टेनो को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 …और पढ़ें

HighLights
- एसडीएम कार्यालय का स्टेनो 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
- शिकायतकर्ता कालोनाइजर ने एसडीएम पर भी लगाए गंभीर आरोप
- धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो सौरभ यादव पिता महावीर यादव 26 वर्ष को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी स्टेनो पर कॉलोनी निर्माण के नक्शे की रिपोर्ट भेजने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता संजय पिता अशोक राय 32 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक-7, तेंदूखेड़ा ने ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कॉलोनी निर्माण के नक्शे के प्रस्ताव पर स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के लिए एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था।
आरोप है कि एसडीएम कार्यालय द्वारा बिना किसी ठोस कारण के फाइल को लटकाया जा रहा था। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में संपर्क किया, तो स्टेनो सौरभ यादव ने कार्य पूरा करने के बदले 30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
ईओडब्ल्यू की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इसके बाद आज दिनांक 14 मई को टीम ने जाल बिछाया और स्टेनो को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा।
आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसडीएम पर भी लगे गंभीर आरोप
- इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता संजय राय ने मामले में एक नया मोड़ लाते हुए एसडीएम पूजा सोनी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
- शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि स्टेनो सौरभ यादव केवल एक माध्यम था, और रिश्वत की असल मांग एसडीएम मैडम के निर्देश पर की गई थी।
- संजय राय ने आरोप लगाया कि स्टेनो ने उन्हें बताया था कि 30 हजार रुपये की रिश्वत के अलावा, उन्हें एसडीएम कार्यालय के रेनोवेशन (नवीनीकरण) और कलर-पेंट आदि के खर्चों के लिए भी दबाव डाला जा रहा था।
- पीड़ित का आरोप है कि वे भीषण गर्मी में बार-बार एसडीएम मैडम के पास आकर अपने काम के लिए निवेदन कर रहे थे, लेकिन मैडम द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा था।
- ईओडब्ल्यू की इस कार्रवाई और शिकायतकर्ता द्वारा एसडीएम पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
- अब देखना यह होगा कि ईओडब्ल्यू की जांच में एसडीएम की संलिप्तता को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
