नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरा दुख दिया, वहीं कुछ साधारण श्रमिकों की असाधारण बहादुरी ने इंसानियत की मिसाल भी कायम की। ये वही लोग हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कई जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लाए। इन रेस्क्यू हीरोज की कहानी साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनाओं से भरी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी
बिहार निवासी मुकेश कुशवाहा, जो जल जीवन मिशन के तहत निर्माण कार्य में लगे हुए थे, इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी हैं। वे अपने साथियों के साथ निर्माणाधीन इंटकवेल (घटनास्थल के समीप) के ऊपर काम कर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक क्रूज तेज हवाओं के बीच असंतुलित होकर उनकी ओर बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मुकेश और उनके साथियों ने जोर-जोर से चिल्लाकर पायलट को क्रूज किनारे लाने के लिए कहा। उनका मानना था कि यदि क्रूज किनारे तक आ जाता, तो हादसा होने की स्थिति में भी सभी यात्रियों को आसानी से बचाया जा सकता था।
चेतावनी की अनदेखी और शुरू हुआ मौत का तांडव
पायलट ने उनकी चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया और क्रूज को बांध के भीतर की ओर ले गया। कुछ ही देर में हालात बिगड़ गए और क्रूज डूबने लगा। यह देखकर मुकेश ने तुरंत अपने साथियों को बुलाया और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। सभी श्रमिकों ने एक-दूसरे की कमर में रस्सी बांधी, ताकि तेज बहाव में कोई बह न जाए, और फिर पानी में उतर गए।
साहसी श्रमिकों ने बचाई कई जानें
इन बहादुर श्रमिकों ने न सिर्फ कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि क्रूज के पायलट को भी बचा लिया। हालांकि, इस हादसे में 11 पर्यटकों की जान नहीं बचाई जा सकी, जिनके शव बाद में बाहर निकाले गए। इस कठिन परिस्थिति में भी श्रमिकों ने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक बचाव कार्य में जुटे रहे।
अदम्य साहस का परिचय देने वाले असली हीरो
मुकेश कुशवाहा के साथ सागर, वृंदा यादव, राजेश यादव, अरविंद यादव, संजय साहनी, छोटू राम और राजकुमार सहित अन्य श्रमिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। इन लोगों ने यह साबित कर दिया कि असली हीरो वही होते हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते।
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प्रेरणादायक कहानी और मुख्यमंत्री की घोषणा
बरगी बांध का यह हादसा भले ही दुखद रहा हो, लेकिन इन श्रमिकों की बहादुरी हमेशा याद रखी जाएगी। उनकी यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी सिखाती है कि संकट के समय साहस और एकता से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। सीएम ने इन सभी के लिए 51-51 हजार प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है।
