जबलपुर जिला बार एसोसिएशन के 2026-28 चुनाव में मतदान के दौरान मतपत्रों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

HighLights
- निर्वाचन अधिकारी ने पद से खुद को अलग किया
- एमपी स्टेट बार काउंसिल संभालेगी प्रक्रिया
- पुतला दहन कर अधिवक्ताओं ने नारेबाजी की
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिला बार एसोसिएशन, जबलपुर के वर्ष 2026-28 के चुनाव सोमवार को विवादों में घिर गए। मतदान के दौरान कुछ मतपत्र पहले से सील लगे होने और मतपत्रों की अव्यवस्थित तैयारी के आरोप सामने आने के बाद अधिवक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। विरोध बढ़ने के साथ ही मतदान केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई और मतदान रोकना पड़ा।
अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन, पुतला दहन
अधिवक्ताओं का आरोप था कि मतपत्रों के बंडल पहले से तैयार नहीं थे और मतदान शुरू होने के बाद उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ बैलेट पेपर पहले से सील लगे होने का मामला सामने आया, जिससे निष्पक्ष मतदान को लेकर विवाद गहरा गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ता मतदान केंद्र पर एकत्र हुए और चुनाव प्रक्रिया रोकने की मांग की। विरोध के दौरान निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की गई और उनका पुतला भी दहन किया गया।
निर्वाचन अधिकारी ने छोड़ा दायित्व
स्थिति बिगड़ने पर निर्वाचन अधिकारी जीएस ठाकुर ने लिखित आदेश जारी कर कहा कि चुनाव प्रक्रिया में उत्पन्न व्यवधान के कारण निष्पक्ष मतदान कराना संभव नहीं है। उन्होंने 20 जुलाई का शेष मतदान तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की घोषणा करते हुए स्वयं को निर्वाचन अधिकारी के दायित्व से मुक्त कर लिया। आदेश में शेष चुनाव प्रक्रिया का दायित्व एमपी स्टेट बार काउंसिल को सौंपने का उल्लेख किया गया है। घटना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं की बैठकें देर शाम तक चलती रहीं। फिलहाल, शेष मतदान की नई तिथि और व्यवस्था को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
