ग्यारसपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और पंजीकरण वाले झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम क्लीनिक चला रहे हैं।

HighLights
- इंजेक्शन और ग्लूकोज से उपचार
- पहले भी मौत के मामले सामने आए
- जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
नईदुनिया न्यूज, ग्यारसपुर। तहसील के ग्रामीण अंचलों में झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री और आवश्यक पंजीकरण के कथित डॉक्टर खुलेआम क्लीनिक संचालित कर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का लाभ उठाकर मरीजों को दवाइयां, इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जा रही हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।
कई गांवों में खुलेआम संचालित हो रहे क्लीनिक
ग्यारसपुर मुख्यालय के साथ अटारीखेजड़ा, हैदरगढ़, नौलास, सीहोद और आसपास के कई गांवों में ऐसे क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कई मामलों में बिना आवश्यक जांच के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का उपचार संक्रमण, एलर्जी और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मौत के मामले
कुछ समय पहले अटारीखेजड़ा में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद एक मरीज की मौत का मामला सामने आया था। वहीं ग्यारसपुर में भी कुछ माह पहले कथित गलत इलाज और इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक मरीज की जान चली गई थी। इसके बावजूद ऐसे क्लीनिकों का संचालन जारी है।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता और नियमित निरीक्षण की कमी के कारण झोलाछाप डॉक्टर बेखौफ काम कर रहे हैं। इस संबंध में प्रभारी बीएमओ ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध चिकित्सकीय डिग्री या आवश्यक पंजीकरण नहीं है, उनकी जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
