बांध क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों काे पानी में कोई भी व्यक्ति एवं सामग्री को देखते ही तुरंत सूचना देने के लिए कहा है। …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में मरे लोगों के शवों को लेने आया विशेष विमान डुमना एयरपोर्ट पर उतर नहीं सका इससे कामराज और उसके भतीजे के शव को आधे रास्ते से फिर वापस मरचुरी ले जाया गया। दोनों के शव सोमवार को सुबह नौ बजे तमिलनाडु के लिए एयरलिफ्ट किए गए।
राज्यों के प्रशासन के बीच समन्वय
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन के सहयोग से दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित राज्यों के प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
एसडीएम रांझी ने बताया कि इससे पहले शनिवार को दो महिला मृतकों के शव जेट विमान से उनके गृह राज्य भेजे गए थे। वहीं रविवार को एक अन्य शव को कार्गो फ्लाइट के माध्यम से रवाना किया गया। प्रशासन द्वारा लगातार सभी मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों तक शव पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोरा
बरगी बांध में क्रूज नाव पलटने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चलाया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया, वहीं कुछ लोगों की मौत हो गई।
शव के साथ स्वजन भी गृहग्राम के लिए रवाना हुए थे
कामराज के भतीजे मयूरन के शव को कार्गो विमान से शाम को कोयंबटूर भेज दिया गया है। शव के साथ स्वजन भी गृहग्राम के लिए रवाना हुए। हादसे में जान गंवाने वाली कामकराज की पत्नी और भाभी का शव शनिवार को विशेष विमान से काेयंबटूर ले जाया गया था। शेष दो लापता व्यक्तियों के शव भी रविवार सुबह बरामद कर लिए गए। मृतकों में जबलपुर के खमरिया आयुध निर्माणी के कर्मी वेस्टलैंड निवासी आर कामराज (45) और उनका भतीजा तमिलनाडु निवासी नौ वर्षीय मयूरन है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एनवीडीए के डीप ड्राइवरों ने की सहायता
दोनों के शव को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एनवीडीए के डीप ड्राइवरों की सहायता से तलाशा जा सका।घटना के लगभग 60 घंटे के बाद उनके शवाें को बाहर निकाला जा सका। इसके साथ ही सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को पूर्ण घोषित कर दिया गया है। इस हादसे में अब तक कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था
बांध के पास के निर्माण स्थाल के श्रमिकाें और रेस्क्यू टीमों ने 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। पर्यटकों को भ्रमण पर लेकर निकला क्रूज गुरुवार की शाम को लगभग छह बजे डूब गया था। उसके बाद ही लापता लोगों की तलाश में लगातार सर्च आपरेशन चलाया जा रहा था।
पीएम के बाद शव ओएफके अस्पताल में रखे
घटना के बाद सेक लापता कामराज और उसके भतीजे मयूरन की तलाश में लगातार रेस्क्यू जारी था। रविवार को एनवीडीए के डीप ड्राइवरों ने बांध के गहरे पानी में सर्चिंग की। सुबह लगभग छह बजे मयूरन और सुबह लगभग साढ़े नौ बजे कामराज का शव मिला।
विराज सोनी के शव का भी रविवार को पोस्टमार्टम किया गया
दोनों के शवों के साथ कामराज के बेटे श्रीतमिल के शव को पीएम हुआ। उसके बाद तीनों शवों को ओएफके अस्पताल की मरचुरी में रखा गया। शुक्रवार को मिले कोतवाली निवासी विराज सोनी के शव का भी रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। उसके बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया।
