घटना के बाद कुछ समय के लिए परीक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई और कक्ष में मौजूद परीक्षार्थियों में दहशत का माहौल बन गया। …और पढ़ें

HighLights
- कमला नेहरू स्कूल केंद्र पर बिजली गुल
- परीक्षार्थियों ने अंधेरे और उमस में दी परीक्षा
- शार्ट सर्किट होने से तेज धमाका हुआ
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) परीक्षा के दौरान सोमवार को शहर के कमला नेहरू स्कूल गंजीपुरा स्थित परीक्षा केंद्र में शार्ट सर्किट की घटना से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चिंगारियां निकलने लगीं
परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद एक कक्ष में बिजली के तारों में शार्ट सर्किट होने से तेज धमाका हुआ और चिंगारियां निकलने लगीं। घटना के दौरान एक छात्रा के ऊपर चिंगारी गिरने से उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परीक्षा कक्ष में हड़कंप मच गया।
परीक्षा सुबह आठ बजे शुरू हुई थी
डीएलएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। परीक्षा केंद्र के कक्ष क्रमांक-सात में करीब 20 मिनट बाद अचानक शार्ट सर्किट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके के साथ तारों से चिंगारियां निकलीं, जिनमें से कुछ अंतिम पंक्ति में बैठी एक छात्रा के ऊपर गिरीं। छात्रा घबरा गई और उसकी तबीयत खराब हो गई।
सात कक्षों की बिजली रही बंद
शार्ट सर्किट के बाद परीक्षा केंद्र के सात कक्षों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। भीषण गर्मी और उमस के बीच परीक्षार्थियों को लगभग दो घंटे तक बिना बिजली के परीक्षा देनी पड़ी। बिजली नहीं होने से पंखे बंद हो गए और कई कक्षों में पर्याप्त रोशनी भी नहीं रही।
चक्कर आने और घबराहट जैसी समस्याएं
छात्र-छात्राओं का कहना है कि विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उमस और गर्मी के कारण कई परीक्षार्थियों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ को चक्कर आने और घबराहट जैसी समस्याएं भी हुईं। बिजली बाधित होने के बावजूद परीक्षा जारी रखी गई।
केंद्र की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
घटना के बाद परीक्षा केंद्र की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की विद्युत वायरिंग काफी पुरानी है और कई स्थानों पर तारों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित किए जाने को लेकर चिंता जताई जा रही है।
317 से अधिक परीक्षार्थियों का केंद्र
इस केंद्र पर करीब 317 परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए आवंटित किया गया है। अधिक संख्या के कारण कई कक्षों में बैठने और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी दिक्कतें सामने आईं। कुछ विद्यार्थियों ने दावा किया कि पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कारिडोर जैसे स्थानों पर बैठाकर परीक्षा दिलाई गई।
बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच की मांग
घटना के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा केंद्रों में विद्युत सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं की नियमित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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