लोगों ने कलेक्टर को घेरकर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए। …और पढ़ें

HighLights
- निरीक्षण पर निकले कलेक्टर रह गए दंग
- पलवा के ग्रामीणों ने रोककर बताई समस्या
- ग्रामीणों का आक्रोश कलेक्टर के सामने आया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी विधानसभा क्षेत्र के पलवा ग्राम में निरीक्षण पर निकले कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का वाहन गांव की बदहाल सड़क पर फैले कीचड़ में फंस गया।
निर्माण कार्य में फैले भ्रष्टाचार और जन समस्याओं को बयां किया
इस दौरान पास में ही खड़े ग्रामीणों ने उनका वाहन रोका और गांव की बदहाली, निर्माण कार्य में फैले भ्रष्टाचार और जन समस्याओं को बयां किया। इस दौरान ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर कलेक्टर के सामने आया।
सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
जिले के मुखिया को बताया कि गांव में सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल हैं। इस दौरान वहां खड़े लोगों ने कलेक्टर को घेरकर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए। दरअसल पलवा ग्राम की स्थिति ने एक बार फिर ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
नालियों का पानी सड़कों पर बहने से लोगों का निकलना मुश्किल
ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़ी राशि खर्च दिखाई गई, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत है। गांव की मुख्य सड़कें कीचड़ और गंदे पानी से भरी हुई हैं। नालियों का पानी सड़कों पर बहने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच गांव में फैली गंदगी और जलभराव से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
बारिश के दिनों में हालात और भयावह हो जाते हैं
निरीक्षण के दौरान हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी कीचड़ में फंस गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब गर्मी में गांव की यह स्थिति है तो बारिश के दिनों में हालात और भयावह हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने की मांग, बोले-घटिया निर्माण की हो जांच
ग्रामीणों ने सरपंच कमलेश पटेल, सहायक सचिव साहू और संबंधित अधिकारियों पर विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए। लोगों ने मांग की कि पंचायत में हुए निर्माण कार्यों और खर्च की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना था कि कई कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए गए, जबकि गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन करेंगे
यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर कलेक्टर ने पूछा कि इसके पहले ये समस्याएं क्यों नही बताई? उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों को कलेक्टर कार्यालय बुलाकर विस्तार से चर्चा करने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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