ग्वालियर क्राइम समाचार: रकम वापस नहीं मिलने पर नर्सिंग कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी आशीष मिटकर को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिक…और पढ़ें

HighLights
- 300 प्रतिशत बोनस का लालच
- विड्रॉल और पेनल्टी के नाम पर वसूली
- साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एआई और फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने नर्सिंग कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी से 9 लाख 41 हजार 960 रुपए ठग लिए। ठगों ने पहले फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 90 हजार डालर यानी लगभग 75 लाख रुपए का मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल, प्रॉफिट शेयरिंग और पेनल्टी के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराते रहे। यहां तक कि कथित अकाउंटेंट ने जांच और कैश पेमेंट का डर दिखाकर दस्तावेज भी मांगे।
सिरोल निवासी आशीष मिटकर (46) सिकरौदा चौराहा स्थित आरएस सिंह कॉलेज ऑफ नर्सिंग में प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए ‘वैल्यू ट्रेड’ नाम की कंपनी में डीमैट अकाउंट खुलवाया था। इसके बाद अक्षय नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया और एआई आधारित ऑटोमैटिक ट्रेडिंग, महज दो प्रतिशत स्टॉप लॉस और भारी मुनाफे का झांसा दिया।
3 लाख जमा किए, 300 प्रतिशत बोनस का दिया लालच
अक्षय के कहने पर आशीष ने कंपनी द्वारा बताए गए बैंक खातों में करीब तीन लाख रुपए जमा किए। आरोपी ने खुद 2.50 लाख रुपए निवेश करने और कंपनी से 300 प्रतिशत बोनस दिलाने का दावा किया। इसके बाद 25 जुलाई को ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 90 हजार डॉलर का मुनाफा दिखाई देने लगा। इतनी बड़ी रकम देखकर आशीष को ट्रेडिंग प्लेटफार्म और कंपनी पर भरोसा हो गया।
रकम निकालने लगे तो शुरू हुई वसूली
26 अगस्त को आशीष ने मुनाफे की रकम निकालने के लिए विड्रॉल रिक्वेस्ट डाली। इसके बाद अक्षय ने खुद के छुट्टी पर होने की बात कहकर आकाश नाम के व्यक्ति से संपर्क कराया। आकाश ने 10 प्रतिशत प्रॉफिट शेयरिंग के नाम पर करीब नौ लाख रुपए एडवांस मांगे। रकम नहीं देने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिदिन पेनल्टी लगाने की धमकी दी। डर के चलते आशीष ने दो लाख रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अभिजीत चौहान नाम के कथित अकाउंटेंट ने फर्जी जांच और कैश पेमेंट का डर दिखाया। उसने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मांगे। 28 अगस्त को आशीष से 4 लाख 41 हजार 260 रुपए और जमा करा लिए गए। अलग-अलग किस्तों में कुल 9 लाख 41 हजार 960 रुपए ट्रांसफर कराने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली।
1930 पर शिकायत, सिरोल थाने में केस
रकम वापस नहीं मिलने पर आशीष को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद सिरोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी साइबर मनीष यादव के अनुसार फर्जी फॉरेक्स और एआई ट्रेडिंग ऐप के जरिए 9.41 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उन्हें होल्ड कराने की प्रक्रिया की जा रही है। आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
