शहर की बस्तियों और निजी अस्पतालों में जाकर स्थिति का जायजा लिया जाए तो बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या कहीं अधिक मिल सकती है। निजी अस्पतालों में भर्त…और पढ़ें

HighLights
- बारिश थमी नहीं, जलभराव बढ़ गया
- डेंगू-मलेरिया-चिकनगुनिया संग वायरल बुखार
- 40 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार से पीड़ित
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बारिश के बाद शहर में बुखार का ट्रिपल अटैक चिंता बढ़ा रहा है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के नए मामले सामने आने के साथ वायरल बुखार के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कालेज अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक ओपीडी में मरीजों की भीड़ है।
निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीज
सरकारी आंकड़ों में इस वर्ष अब तक मलेरिया के सात, डेंगू के 12 और चिकनगुनिया के दो मरीज दर्ज हैं, लेकिन जमीनी तस्वीर इससे कहीं ज्यादा गंभीर नजर आ रही है। निजी अस्पतालों में भी बुखार के मरीज भर्ती हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शहर के खाली पड़े प्लाटों और खुले स्थानों में जमा बारिश का पानी है।
कई इलाकों में दिनों से पानी भरा है
यही ठहरा हुआ पानी मच्छरों के पनपने की मुफीद जगह बन गया है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि नगर निगम की टीमें इन स्थानों पर नियमित निरीक्षण और लार्वा विनष्टीकरण नहीं कर रही हैं। यदि समय रहते जलभराव खत्म नहीं हुआ और मच्छरों के लार्वा नष्ट नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप और बढ़ सकता है।
400 से ज्यादा बुखार पीड़ितों की जांच
मेडिकल कालेज की ओपीडी में रोजाना 400 से अधिक मरीज बुखार और मौसमी संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनमोहन नगर की करीब 350 मरीजों की रोजाना ओपीडी में भी लगभग 40 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
मलेरिया के साथ डेंगू और टाइफाइड की जांच भी तेज
स्वास्थ्य विभाग ने बुखार के मरीजों की मलेरिया के साथ डेंगू और टाइफाइड की जांच भी तेज की है। अब तक विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में 400 से अधिक बुखार पीड़ितों की जांच की जा चुकी है।
एक सप्ताह में मलेरिया के दो नए मामले
- अगस्त के अंतिम सप्ताह में चार दिन के भीतर मलेरिया के दो नए पाजिटिव मरीज मिले।
- इनमें एक मरीज अंसार क्षेत्र का है। इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया के सात मामले सामने आ चुके हैं।
- पिछले एक सप्ताह में डेंगू के पांच और चिकनगुनिया के दो नए मरीज मिले हैं।
- डेंगू के नए मामले पाटन, पनागर, निगरी, गढ़ा और मेडिकल कालेज क्षेत्र में सामने आए हैं।
सरकारी आंकड़े बनाम जमीन की हकीकत
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे टीमों को सक्रिय किया है, लेकिन बीमारी का वास्तविक फैलाव जानने के लिए केवल सरकारी केंद्रों के आंकड़े पर्याप्त नहीं हैं। शहर की बस्तियों और निजी अस्पतालों में जाकर स्थिति का जायजा लिया जाए तो बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या कहीं अधिक मिल सकती है। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों और स्थानीय स्तर पर हो रही जांच को भी निगरानी में शामिल करना जरूरी है।
फैक्ट फाइल…
- 07 मलेरिया पाजिटिव मरीज इस वर्ष अब तक
- 12 डेंगू मरीज इस वर्ष अब तक
- 02 चिकनगुनिया मरीज इस वर्ष अब तक
- 02 मलेरिया मामले एक सप्ताह में सामने आए
- 05 डेंगू के नए मरीज पिछले सप्ताह मिले
- 02 चिकनगुनिया के नए मरीज पिछले सप्ताह मिले
- 400 से अधिक बुखार पीड़ितों की विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में जांच
- 350 मरीजों की रोजाना ओपीडी मनमोहन नगर सीएचसी में
- 40 प्रतिशत ओपीडी मरीज वायरल बुखार से पीड़ित
पांच साल के आंकड़े खोलते हैं खतरे की तस्वीर
वर्ष मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया
2022 27 139 126
2023 9 188 127
2024 12 432 126
2025 16 74 38
2026* 7 12 2
(*इस वर्ष अब तक)
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