नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिंसी चौराहा से नेमीनाथ मंदिर चौराहा तक प्रस्तावित मास्टर प्लान की 60 फीट चौड़ी सड़क का रास्ता साफ हो गया है। नगर निगम ने यहां 131 बाधक निर्माण चिह्नित किए थे। ज्यादातर जगह लोगों ने खुद ही अपने बाधक निर्माण हटा लिए थे। यही वजह रही कि मंगलवार की कार्रवाई में निगमकर्मियों को ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ी।
5 घंटे चली कार्रवाई के दौरान 40 से ज्यादा बाधक निर्माण हटाए गए। इस चौड़ीकरण में किसी मकान का तीन फीट हिस्सा बाधक था तो किसी का 20 फीट। तीन मकान ऐसे भी थे जो पूरी तरह से चौड़ीकरण की जद में आ रहे थे। इन्हें भी हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी बनी। हालांकि बड़ा विवाद नहीं हुआ।
रहवासियों का कहना था कि सड़क की सेंट्रल मार्किंग में गड़बड़ी की गई है। एक तरफ के मकानों को बचाने के लिए कम निशान लगाए हैं जबकि दूसरी तरफ के मकानों को ज्यादा तोड़ा गया। मंगलवार की कार्रवाई में निगम को सबसे ज्यादा मशक्कत 70 साल पुराने सेठी अस्पताल भवन को तोड़ने में करना पड़ी। रहवासियों का यह आरोप भी है कि बाधक मकानों पर जहां निशान लगाया था उससे ज्यादा तोड़फोड़ की गई।
निगम की रिमूवल टीम मंगलवार सुबह सात बजे जिंसी चौराहा पहुंच गई थी। यहां लोगों ने अपने बाधक निर्माण पहले ही हटा लिए थे, लेकिन जब निगम की टीम ने नप्ती ली तो पता चला कि कई जगह लोगों ने उतना बाधक निर्माण नहीं हटाया जितना हटाना था। इसके बाद निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी। कार्रवाई दोपहर करीब 12 बजे तक चली। अब निगम अगले तीन दिन में क्षेत्र से मलबा उठाने का काम करेगा। इसके बाद सड़क निर्माण शुरू किया जाएगा।
पूर्व आईडीए अध्यक्ष का मकान भी तोड़ा
कार्रवाई की जद में पूर्व आइडीए अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ला का मकान भी आया। हालांकि इसका बड़ा हिस्सा पहले ही हटा लिया गया था, लेकिन रहवासियों की शिकायत थी कि शुक्ला ने उतना हिस्सा नहीं तोड़ा जितना निशान लगा था। इसके बाद निगम ने दोबारा नप्ती की और बाधक निर्माण हटा दिया।
पुलिसकर्मियों ने की सामान निकालने में मदद
निगम ने रहवासियों को पूर्व में ही नोटिस जारी कर दिए थे, बावजूद इसके कुछ रहवासियों ने बाधक मकानों में से सामान नहीं हटाया था। मंगलवार को कार्रवाई शुरू हुई तो हड़बड़ी मच गई। इस पर पुलिसकर्मियों की मदद से बाधक मकानों से सामान हटाया गया।
धर्मस्थलों को दिया समय
नगर निगम ने कार्रवाई में धर्मस्थलों को शामिल नहीं किया था। रिमूवल अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले प्रबुद्धजनों से चर्चा में तय किया गया कि धर्मस्थलों को हटने के लिए समय दिया जाए। प्रबुद्धजन ने आश्वासन दिया है कि वे स्वयं ही बाधक धर्मस्थलों को हटा लेंगे।
कहां से कहां तक बनना है सड़क
- जिंसी चौराहा से नेमीनाथ मंदिर चौराहा तक
- लंबाई – 340 मीटर
- चौड़ाई – 18 मीटर
- लागत – 3.46 करोड़ लगभग
- बाधक मकान – 131
- 5 घंटे चली कार्रवाई
- 100 से ज्यादा निगमकर्मी हुए शामिल
इस सड़क के बनने से यह होगा फायदा
जिंसी चौराहा से नेमीनाथ मंदिर चौराहा तक सड़क के निर्माण से क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा। जाम की समस्या में राहत मिलेगी। लक्ष्मीबाईबाई प्रतिमा चौराहा से सुभाष मार्ग तथा एमजी रोड आने-जाने की राह आसान होगी।
कार्रवाई में ये थे शामिल
रिमूवल कार्रवाई के दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगवंकर, भवन अधिकारी, भवन निरीक्षक, रिमूवल सहायक बबलू कल्याणे तथा अन्य निगम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
