नईदुनिया प्रतिनिधि, सतना/चित्रकूट। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच शरभंग नदी के उफान ने शनिवार को मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर रेल यातायात की रफ्तार थाम दी। चितहरा स्टेशन से खुटहा स्टेशन तक रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने और तेज बहाव की स्थिति ने रेलवे के सामने सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा कर दिया।
हालात को देखते हुए करीब चार घंटे तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा और कई ट्रेनों को रास्ते में अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, पानी का बहाव कम होने के बाद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू कराया गया, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कॉशन ऑर्डर लागू करते हुए ट्रेनों को महज 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निकाला जा रहा है।
यानी ट्रेनों को इस जलमग्न हिस्से से बेहद सावधानी के साथ गुजारा जा रहा है। इस दौरान कुछ ट्रेनों को सगमा, जैतवारा और मझगवां स्टेशनों पर रोककर रखा गया। यात्रियों को घंटों ट्रेनों के भीतर और स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा। स्थिति की निगरानी के लिए जीआरपी और आरपीएफ का अतिरिक्त स्टाफ सतना से मौके की ओर भेजा गया।
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ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
उपलब्ध सूची के अनुसार, प्रभावित ट्रेनों के नंबर हैं, 19496, 12428, 13201, 11103, 09344, 22687, 15017, 11061, 11015, 11274 और 15160। इनमें 12428 रीवा एक्सप्रेस, 13201 राजेंद्रनगर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 15017 काशी एक्सप्रेस, 11061 लोकमान्य तिलक-जयनगर एक्सप्रेस, 11015 लोकमान्य तिलक-सहरसा अमृत भारत, 11274 प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस और 15160 सारनाथ एक्सप्रेस एवं गोदान एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। संबंधित ट्रेनें मझगवां-चितहरा रेलखंड से होकर गुजरती हैं।
