कोरोना काल से बंद नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर ठहराव 5 सितंबर से बहाल होगा। सांसद हिमाद्री सिंह के प्रयास सफल रहे, जबकि वह उज़्बेकिस्तान दौरे पर रहेंग…और पढ़ें

HighLights
- नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर ठहराव फिर से बहाल हुआ।
- रेल मंत्रालय ने ठहराव को दोबारा मंजूरी दी।
- पांच सितंबर को ठहराव का औपचारिक शुभारंभ होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल: कोरोना काल से बंद पड़ी बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस अब एक बार फिर वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह के निरंतर प्रयासों के बाद रेल मंत्रालय ने इस ठहराव को पुनः अपनी स्वीकृति दे दी है।
बिलासपुर-कटनी रेल खंड के अंतर्गत आने वाला वेंकटनगर एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र है, और नर्मदा एक्सप्रेस के यहां रुकने से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
5 सितंबर को जनता दिखाएगी हरी झंडी
आगामी 5 सितंबर को इस ठहराव का औपचारिक शुभारंभ किया जाना है, जो जन-भागीदारी की एक अनूठी मिसाल बनेगा। दरअसल, इस ऐतिहासिक अवसर पर सांसद हिमाद्री सिंह क्षेत्र में उपस्थित नहीं रहेंगी, इसलिए उनके स्थान पर स्थानीय ग्रामीण, व्यापारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ही ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
भारत-उज़्बेकिस्तान युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में शामिल
- सांसद की अनुपस्थिति का कारण उनका एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दौरा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नामांकन पर सांसद हिमाद्री सिंह को भारत-उज़्बेकिस्तान युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। वे 4 से 7 सितंबर तक उज़्बेकिस्तान के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगी।
- मार्च 2026 में गठित इस संसदीय मैत्री समूह में देश के 543 सांसदों में से केवल तीन युवा सांसदों को चुना गया है, जिसमें शहडोल की सांसद का नाम भी शामिल है। आदिवासी समाज से आने वाली युवा नेत्री का यह चयन क्षेत्र के लिए एक बड़ी गौरव की बात है।
कूटनीतिक लिहाज से अहम है यह दौरा
- यह उज़्बेकिस्तान दौरा कूटनीतिक लिहाज से भी काफी अहम है, क्योंकि हाल ही में 30 अगस्त को उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ (उच्चतम मित्रता आर्डर) से सम्मानित किया है।
- एक तरफ जहां सांसद ताशकंद जैसे वैश्विक मंच पर भारत और शहडोल का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, वहीं उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को रफ्तार देते हुए वेंकटनगर को ट्रेन ठहराव की यह बड़ी सौगात मिली है।
