मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने ऑपरेशन क्रिस्टल डैगर के तहत कार्रवाई कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को ध्व…और पढ़ें

HighLights
- DRI ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को किया ध्वस्त
- भोपाल रेलवे स्टेशन से पकड़ी गई महिला तस्कर
- ट्राली बैग के गुप्त केबिन से मिली 8.6 किलो ड्रग्स
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) ने ऑपरेशन क्रिस्टल डैगर के तहत कार्रवाई कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में डीआरआइ ने 4 नाइजीरियाई नागरिकों और एक भारतीय महिला सहित कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान के दौरान 8.6 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की गई है।
रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध महिला पकड़ी
जानकारी के अनुसार मुखबिर से मिली एक जानकारी के आधार पर डीआरआइ को पता चला था कि नई दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन से एक महिला तस्कर मादक पदार्थों की बड़ी खेप ले जा रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए डीआरआइ अधिकारियों ने 11 अगस्त 2026 को भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध महिला को पहचान कर रोक लिया। महिला के काले रंग के ट्राली बैग की तलाशी लेने पर उसमें एक गुप्त बॉक्स मिला।
इस कैविटी से भूरे रंग के टेप से सील किए गए छह प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। एनडीपीएस फील्ड-टेस्टिंग किट से जांच करने पर पैकेटों में मौजूद सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ के मेथैमफेटामाइन होने की पुष्टि हुई। महिला के पास से कुल 6.325 किलोग्राम क्रिस्टलीय मेथैमफेटामाइन जब्त कर उसे एनडीपीएस अधिनियम में एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।
नाइजीरियाई सप्लायर गिरफ्तार
महिला से पूछताछ के आधार पर डीआरआइ और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा में मुख्य सप्लायरों के ठिकाने पर छापेमारी की। अधिकारियों को देखते ही नाइजीरियाई तस्करों ने खिड़की से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।
तलाशी में 2.242 किलोग्राम मेथैमफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद हुआ। यहां से चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। डीआरआइ के अधिकारियों के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई से भारतीय लोगों का इस्तेमाल कर नेटवर्क चलाने वाले एक खतरनाक विदेशी सिंडिकेट इसमें शामिल हैं।
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एक साल में एमपी बना हॉट स्पॉट
पिछले एक साल में गांजा व अफीम की जगह मेथैमफेटामाइन और मेफेड्रोन जैसी महंगी और खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी व अवैध लैब निर्माण पर केंद्रीय एजेंसियों की सख्त है। इंटर-स्टेट व इंटरनेशनल सिंडिकेट भोपाल को ट्रांजिट रूट या गुप्त मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में इस्तेमाल कर रही है।इसी को लेकर पिछले 1 साल के दौरान (अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक) राजस्व खुफिया निदेशालय और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश और भोपाल क्षेत्र में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाइयां की हैं।
- 16 अगस्त 2025 को सूरत और मुंबई पुलिस के सहयोग से ग्राम-जगदीशपुर (इस्लामनगर)अवैध मेफेड्रोन (एमडी) मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया।मौके से 541 किलोग्राम से अधिक प्रिकर्सर कैमिकल्स व लैब उपकरण जब्त किए गए।इसमें सात आरोपित गिरफ्तार किए गए।
- जनवरी 2026 को सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स आगर-मालवा में नर्सरी और फार्महाउस की आड़ में चलाई जा रही एक हाई-टेक सिंथेटिक ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा गया। करीब 600 किलोग्राम कच्चा रसायन जब्त किया गया। इस नेटवर्क के तार भोपाल और इंदौर के स्थानीय सप्लाई चेन से जुड़े हुए थे।
- 11 माह पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय ने भोपाल कार्रवाई करते हुए भोपाल स्टेशन से युगांडा की महिला नाकिजीटो जोन उर्फ नाबायुंगा जारिया को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 368.90 ग्राम मेथामफेटामाइन और 147.40 ग्राम कोकीन बरामद हुई।
