नाराज बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी 26 वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। …और पढ़ें

HighLights
- नर्मदा तट पर जल सत्याग्रह कर पेंशनरों ने सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन किया
- धारा 49 हटाने और कोषालय से सीधे पेंशन भुगतान की मांग उठी
- महंगाई भत्ते के लंबित एरियर्स के भुगतान को लेकर सरकार को चेतावनी
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार की अनदेखी से नाराज बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी 26 वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कर्मचारी जनता यूनियन (नरसिंहपुर) के बैनर तले शनिवार 14 जून को नरसिंहपुर जिले के विद्युत पेंशनरों ने बरमान स्थित पवित्र नर्मदा तट पर जल सत्याग्रह के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
यह अनोखा प्रदर्शन महासचिव विजय चौकसे के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनरों ने पानी में खड़े होकर दोनों राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित किया।
पेंशनरों का कई माह का एरियर्स लंबित
जल सत्याग्रह के दौरान दोनों सरकारों से मुख्य रूप से धारा 49 को हटाने, पृथक पेंशन फंड बनाने, पेंशन का भुगतान सीधे कोषालय से करने, पेंशन की कानूनी गारंटी देने और रोके गए महंगाई भत्ते के एरियर्स का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई।
वरिष्ठ पेंशनरों के साथ पक्षपात किया जा रहा
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए महासचिव विजय चौकसे ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस भीषण महंगाई के दौर में वरिष्ठ पेंशनरों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते की घोषणा किए जाने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार इसे समय पर लागू नहीं करती, जिससे पेंशनरों का कई महीनों का एरियर्स लंबित पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि घोषणा तिथि से ही एरियर्स का भुगतान कर बुजुर्गों को राहत दी जाए।
दोनों सरकारों तक जाएगी यह गूंज
यूनियन के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष ओपी सोनी ने इस जल सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए बरमान नर्मदा तट पर पहुंचे सभी जागरूक और वरिष्ठ पेंशनर कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हक और सम्मान की इस लड़ाई में कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।
