मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद होने की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि बदनामी के डर से कांग्रेस ने …और पढ़ें

HighLights
- तेलंगाना के मामले का जिक्र कर सीएम ने घेरा
- बोले- सच छिपाओगे तो फॉर्म निरस्त होगा ही
- कांग्रेस पार्टी के बचे-खुचे लोग भी आ गए आगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को जिले के केसली पहुंचे। यहां उन्होंने लाडली बहना योजना के राज्य स्तरीय आयोजन में एक करोड़ 25 लाख महिलाओं के खाते में 1835 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की।
इस दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद होने की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि बदनामी के डर से कांग्रेस नेताओं ने नामांकन पत्र में जानकारी छिपाई थी।
तेलंगाना मामले का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार थी। वहां की एक कांग्रेसी नेत्री ने अपने ही पार्टी के नेता पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए। थाने में उसकी रिपोर्ट तक नहीं लिखी गई। उस समय तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन थीं। पीड़ित महिला इनके पास भी गई लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद महिला कोर्ट पहुंची। वहां से मीनाक्षी नटराजन को भी नोटिस जारी हुआ।
उन्होंने उस नोटिस का जवाब भी दिया। लेकिन नामांकन पत्र में कांग्रेस के लोगों ने यह बात छिपा ली ताकि उनकी पोल न खुल जाए, प्रदेश भर में बदनामी न हो जाए। खुद को राज्यसभा का उम्मीदवार मान रहे पार्टी के बचे-खुचे लोग भी आगे आ गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव अधिकारी के सामने असत्य जानकारी देंगे तो आवेदन तो निरस्त होगा ही।
