मध्य प्रदेश के जबलपुर (सिहोरा) स्थित धनगवां में टाइटेनियम और वेनेडियम के बड़े भंडार मिले हैं; ब्लॉक की नीलामी से पहले प्रशासन 133 हेक्टेयर निजी व वन भ…और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील स्थित धनगवां में टाइटेनियम और वेनेडियम जैसे सामरिक- बहुमूल्य खनिजों के विशाल भंडार मिले हैं। इसके दोहन से क्षेत्र के विकास की बड़ी उम्मीदें जगी हैं, लेकिन खनिज ब्लॉक की नीलामी से पहले जमीन के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर प्रशासन और खनिज विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जमीन का गणित और क्षेत्रफल
जीएसआई (GSI) और अन्य सर्वे के अनुसार खनिजों का कुल विस्तार लगभग 289 हेक्टेयर में है। इसमें से आबादी क्षेत्र को अलग करने के बाद खनन योग्य उपयोगी क्षेत्र लगभग 230 हेक्टेयर बचा है।
- कुल संभावित उपयोगी खनन क्षेत्र: 230 हेक्टेयर
- निजी भूमि: लगभग 63 हेक्टेयर
- वन विभाग की भूमि: लगभग 70 हेक्टेयर
- निजी व वन भूमि का कुल जोड़: लगभग 133 हेक्टेयर
प्रमुख अड़चनें और प्रशासनिक तैयारियां
- निजी और वन भूमि का पेंच: कुल उपयोगी क्षेत्र का बड़ा हिस्सा (133 हेक्टेयर) निजी स्वामित्व और वन विभाग के अंतर्गत आता है। निजी भूमि पर सीधे तौर पर खनन शुरू होना बेहद जटिल है, जबकि वन भूमि के लिए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से अनुमतियां (Forest Clearances) आवश्यक होंगी।
अधिकारियों का क्या कहना है
इस बारे में बात करते हुए जबलपुर के जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा ने कहा- खनन वाले क्षेत्र में जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। अब राजस्व, वन और निजी जमीन के रिकॉर्ड्स के सत्यापन के बाद ही अंतिम खनन क्षेत्र तय होगा। हमारा प्रयास है कि यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए।
