नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के सबसे व्यस्त और सघन व्यावसायिक क्षेत्र बड़ा फुहारा में मंगलवार को गिरे जर्जर चार मंजिला भवन के शेष हिस्से गिराना चुनौतिपूर्ण साबित हो रहा है।
अलग-अलग प्लानिंग के तहत कार्य रहा है
मानव और अत्याधुनिक मशीनरी संसाधनों से लैस नगर निगम का अमला भवन को जमींदोज करने का प्रयास तो कर रहा हैं परंतु काययाबी नहीं मिल पा रही है। पिछले तीनों से नगर निगम अलग-अलग प्लानिंग के तहत कार्य रहा है बावजूद इसके भवन को गिराना संभव नहीं हो पा रहा है।
भवन यदि सीधे गिरता है खतरा बढ़ सकता है
दरअसल जिस स्थान पर चार मंजिला भवन खड़ा है यदि वह सीधे गिरता है खतरा बढ़ सकता है और यदि दांय-बांय गिरता है तो आस-पास के रहवासी व व्यवसायिक इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। यहीं सोचकर निगम प्रशासन की सांसे भी फूल रहीं हैं।
पहले मशीनरी वाहनों से फिर, हाथों से तुड़ाई
गुरुवार को भी नगर निगम का अतिक्रमण निरोधक अमला इंजीनियरों के निर्देशन में जर्जर भवन को गिराने में जुटा रहा। इसके बाद स्टील वायर से अत्याधुनिक जर्मनी से खरीदे गए टर्न टेबल लैडर वाहन से भवन के हिस्से को गिराने का प्रयास किया परंतु इसमें भी सफलता नहीं मिली।
जर्जर शेष हिस्से को नहीं गिराया जा सका
सुबह से शाम तक यहीं प्रयास होते रहे। बाद में कर्मचारियों से हथौड़ा, सब्बल की मदद से तुड़ाई कराई गई। इसके बाद भी जर्जर शेष हिस्से को नहीं गिराया जा सका।
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू भी मौके पर पहुंचे
अब मशीनरी वाहनों की मदद से भवन के ऊपरी हिस्से को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू भी मौके पर पहुंचे और भवन को गिराने की जानकारी लेते हुए उचित दिशा निर्देश दिए।
सामने का जर्जर हिस्सा गिरा, पीछे कराया था पुर्निर्माण
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उक्त भवन का सामने का हिस्सा मंगलवार को भरभराकर गिर गया था। जबकि पीछे का हिस्सा खड़ा हुआ है। जांच में ये सामने आया कि पिछले हिस्से में कुछ नए निर्माण कराए गए थे। यहीं कारण है कि पिछला हिस्सा अब भी खड़ा है। हालांकि बरसात में गिर सकता है लिहाजा इसे डिस्मेंटल करना आवश्यक है।
आस-पास के चार भवन खाली कराएं, व्यवसाय ठप
नगर निगम ने भवन गिराने के दौरान किसी तरह की जनहानि न हो इसके लिए आस-पास के चार भवनों को खाली कराते हुए सील कर दिया गया है। जिनके भवन और दुकान खाली कराए गए उनका व्यापार ठप हो गया है।
उनका कहना है कि चार मंजिला सोसायटी साड़ी वालों का भवन गिरने से उनके भवनों को भी क्षति पहुंची है वहीं 80 डंपर मिट्टी डाल देने से उनकी दुकानें भी गुम हो गई हैं।
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