नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रांझी स्थित 6वीं प्रशिक्षण वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के परेड ग्राउंड पर शुक्रवार को 101वें बुनियादी प्रशिक्षण सत्र की दीक्षा परेड हुई। एक वर्ष के कठोर प्रशिक्षण के बाद 221 नव प्रशिक्षित आरक्षकों ने शानदार परेड प्रदर्शन कर प्रशिक्षण पूर्ण किया।
जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया
मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जोन) जबलपुर प्रमोद वर्मा ने परेड की सलामी ली तथा खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद नव प्रशिक्षित आरक्षकों ने अलग-अलग ड्रिल के माध्यम से अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। कमांडे आग के गोले से निकले।
विपरीत परिस्थिति में हर लक्ष्य पूरा करने का दमखम दिखाया
हवा में छलांग लगाकर फिश कट डाइव लगाया। जलती टाइल्स को हाथ के एक वार से दो टुकड़े कर दिए। हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए विपरीत परिस्थिति में हर लक्ष्य को पूरा करने का दमखम दिखाया। उनके साहसिक प्रदर्शन को अतिथियों और उपस्थित लोगों ने सराहा।
प्रशिक्षुओं ने ली कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की शपथ
दीक्षा समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे मार्च पास्ट के साथ हुई और डेढ़ घंटे तक कार्यक्रम चला। परेड कमांडर के नेतृत्व में नव आरक्षकों ने अनुशासित कदमताल के साथ अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रध्वज के समक्ष सभी प्रशिक्षुओं ने कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की शपथ ली।
कर्तव्यपरायण जवान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे
मुख्य अतिथि एडीजीपी वर्मा ने नव आरक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण संस्थान विभाग को अनुशासित, सक्षम और कर्तव्यपरायण जवान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अर्जित ज्ञान, कौशल और अनुशासन को अपने सेवा जीवन में उतारें तथा समाज और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। समारोह में उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह, डिप्टी कमांडेंट आशुतोष मिश्रा, डिप्टी कमांडेंट लामू सिंह श्याम, इंसपेक्टर विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वजन उपस्थित रहे।
भोपाल के दीपकांत बेस्ट कैडेट चुने गए
समारोह के दौरान प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कानून, फायरिंग, शारीरिक दक्षता और अन्य प्रशिक्षण विधाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आरक्षकों के नामों की घोषणा कर उन्हें सम्मानित किया गया। ओवरआल सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भोपाल एसएएफ की 23वीं बटालियन के दीपकांत पटेल को उत्कृष्ट कैडेट पुरस्कार प्रदान किया गया।
पहली बार बीसीटी टेस्ट की शुरुआत
इस प्रशिक्षण सत्र की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि प्रदेश में पहली बार बाडी कम्पोजिशन टेस्ट (बीसीए टेस्ट) को प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसके तहत प्रशिक्षण प्रारंभ होने और पूर्ण होने के बाद आरक्षकों की ऊंचाई, वजन, शारीरिक संरचना तथा स्वास्थ्य संबंधी मानकों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षुओं की फिटनेस, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना था।
संस्थान के बारे में…
- वर्ष 1942 में रांझी में छठी वाहिनी विसबल की स्थापना हुई।
- प्रशिक्षण अवधी 11 माह प्रत्येक सत्र के लिए निर्धारित है।
- 250 आरक्षक झारखंड पुलिस के वर्ष 2005 में प्रशिक्षण ले चुके है।
पासिंग आउट परेड में…
- 221 नव आरक्षक 101वें बैच में शामिल हुए।
- 22 बटालियन के आरक्षक इसमें शामिल थे।
- 400 से अधिक लोग दीक्षा कार्यक्रम के साक्षी बनें।
प्रशिक्षण की मुख्य बातें…
- कौशल और ड्रिल: इसमें पीटी, परेड, योग, लाठी ड्रिल, बलवा ड्रिल और नाकाबंदी शामिल है।
- कानून व्यवस्था: कानून प्रशासन, फोरेंसिंक साइंस और ट्रैफिक मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है।
- फील्ड टेक्टिक्स: फायरिंग, फील्ड क्राफ्ट, रोड ब्लक, जंगल सर्वाइवल और रोड रनिंग शामिल है।
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