राजेश फिर महिला के पास पहुंचा और उसे दो हजार रुपये दिए। जब महिला ने रुपये देने का कारण पूछा तो उसने रखने के लिए कह दिया और कहा कि यदि और जरूरत लगे तो …और पढ़ें

HighLights
- केंट थाना क्षेत्र में महिला को मतांतरण के लिए लालच
- अन्य लोगों को जोड़ने का बनाया जा रहा था दबाव
- धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। केंट थाना क्षेत्र में एक महिला को आर्थिक मदद और फायदे का लालच देकर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। महिला के मना करने पर उसे परेशान किया जाने लगा। तब परेशान महिला केंट पुलिस के पास पहुंची।
महिला की शिकायत पर कार्रवाई
पुलिस ने बुधवार को महिला की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज किया है। आरोपितों में राजेश सिलास, रवि और अमित मसीह शामिल हैं।
कजरवारा मार्ग में उसकी मोपेड खराब हो गई
सदर के हेलटगंज निवासी सपना मलिक (40) घरों में काम कर जीवनयापन करती हैं। वह अपने बेटे के साथ रहती हैं। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी राजेश सिलास नाम के व्यक्ति के गत वर्ष पहचान हुई थी। गत वर्ष नवंबर माह में वह कहीं जा रही थीं, तभी कजरवारा मार्ग में उसकी मोपेड खराब हो गई।
मदद के बहाने से बातचीत करने लगा
तब वहां से राजेश गुजर रहा था। उसे देखकर रुका और मदद के बहाने से बातचीत करने लगा। राजेश ने उसे अपना भाई जैसा समझने बोला। बातों-बातों में उसने महिला के कामकाज और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली और फिर चला गया। दो दिन बाद
डुमना ले गया, 10 हजार रुपये दिलाए
अगले दिन राजेश महिला को डुमना रोड स्थित एक स्थान पर ले गया, जहां उसकी मुलाकात रवि नामक युवक से कराई गई। रवि ने महिला को दस हजार रुपये दिए और उसे इसाई धर्म अपनाने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि यदि वह अन्य लोगों को भी इसाई धर्म से जोड़े, जितने अधिक लोगों को जोड़ेगी उतना अधिक लाभ होगा। उसके आर्थिक लालच देकर लोगों को जोड़ने एवं धर्म प्रचार करने के लिए कहा।
बाइबल देकर बोला देवी-देवताओं के फोटो हटा दो
महिला का आरोप है कि कुछ दिनों बाद राजेश अपने साथी अमित मसीह को लेकर घर पहुंचा। आरोपितों ने उसे बाइबल, मसीह अखबार, ईशु मसीह की फोटो एवं गले में पहनने के लिए एक क्रास वाला लाकेट दिया। फिर घर पर उससे प्रार्थना कराई और वहां लगी हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें हटाने के लिए कहा। महिला ने इसका विरोध किया और मतांतरण से साफ मना कर दिया। इसके बाद आरोपित महिला पर मतांतरण के लिए दबाव बनाने लगे।
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