जबलपुर के मास्टर प्लान 2047 के प्रकाशन में देरी पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के आयुक्त को अवमानना नोटिस जा…और पढ़ें
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नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर के ‘मास्टर प्लान 2047’ के प्रकाशन में हो रही देरी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश के बावजूद मास्टर प्लान पब्लिश नहीं किया गया। इस वजह से उन्होंने नगर तथा ग्राम निवेश (TCP) विभाग के आयुक्त एवं संचालक कौशलेंद्र विक्रम सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने यह कार्रवाई ‘क्रेडाई जबलपुर बिल्डर्स एसोसिएशन’ के दीपक अग्रवाल द्वारा दायर अवमानना याचिका (Contempt Case 5799/2026) पर सुनवाई करते हुए की।
क्रेडाई की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिनेश कुमार उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि 18 अप्रैल को हाई कोर्ट ने संबंधित आवेदन पर 8 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। आदेश की प्रति 18 मई 2026 को ही संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई थी। इसके बावजूद तय समय-सीमा बीत जाने पर भी मास्टर प्लान का राजपत्र में प्रकाशन नहीं कराया गया। मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर को तय की गई है।
जबलपुर से जुड़ी दो अन्य प्रमुख अदालती खबरें-
तालाब के पास शेड निर्माण के खिलाफ दायर जनहित याचिका निरस्त
हाई कोर्ट ने ओल्ड गुलौआ तालाब के आगे शिव मंदिर के पास हॉकर जोन से सटी जमीन पर बन रहे निर्माण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता ओमप्रकाश तिवारी का आरोप था कि खाली जमीन पर सामुदायिक भवन बनाकर खुले क्षेत्र को प्रभावित किया जा रहा है।
हालांकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि वहां कोई पक्का सामुदायिक भवन नहीं, बल्कि 24.46 लाख रुपए की लागत से एक अस्थायी शेड बनाया जा रहा है। ताकि बारिश और गर्मी में लोगों को राहत मिले। निर्माण स्थल की तस्वीरें देखने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने याचिका को निरस्त कर दिया।
छिंदवाड़ा सीएमएचओ डॉ. गुन्नाड़े को मुख्यमंत्री द्वारा निलंबन पर राहत नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सार्वजनिक रूप से निलंबित किए गए छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेश गुन्नाड़े को हाई कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए उन्हें पहले विभाग के समक्ष नियमानुसार वैधानिक अपील प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बता दें कि सीएम हेल्पलाइन में प्रसूति सहायता राशि न मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने 8 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान डॉ. गुन्नाड़े के निलंबन की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें कटनी संलग्न कर दिया गया था।
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