कोर्ट के समक्ष यह मामला लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक असलम कुरैशी की याचिका पर सुनवाई में आया। …और पढ़ें

HighLights
- हाईकोर्ट ने 15 दिन में आवेदन पर निर्णय का निर्देश
- एनजीटी गाइडलाइन पर भी करना होगा विचार
- कंपनी का तर्क शर्तों का पालन नहीं किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की ग्रीष्म अवकाशकालीन एकलपीठ ने गोमांस बरामदगी के बाद प्रशासनिक तालाबंदी की जद में आए भोपाल के बहुचर्चित आधुनिक स्लाटर हाउस मामले में फिलहाल कोई प्रत्यक्ष राहत देने से परहेज करते हुए निर्णय की जिम्मेदारी भोपाल नगर निगम आयुक्त पर छोड़ दी है। कोर्ट ने साफ किया कि कानून के दायरे में याचिकाकर्ता के आवेदन पर 15 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए और इस दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रासंगिक दिशा-निर्देशों को भी ध्यान में रखा जाए।
सील किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी थी
याचिकाकर्ता ने नगर निगम, भोपाल द्वारा 24 जनवरी, 2026 को जिन्सी स्थित पीपीपी माडल के आधुनिक स्लाटर हाउस को सील किए जाने की कार्रवाई को चुनौती दी थी।
प्रशासन ने स्लाटर हाउस पर ताला जड़ दिया
याचिका के अनुसार नगर निगम इस परियोजना में साझेदार था, लेकिन दिसंबर, 2025 में पुलिस मुख्यालय के समीप एक ट्रक से 26 टन गोमांस बरामद होने के बाद प्रशासन ने स्लाटर हाउस पर ताला जड़ दिया। इसी मामले में संचालनकर्ता असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा तथा अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
बिना अवसर दिए की गई कार्रवाई से कारोबार ठप
कंपनी का तर्क था कि निगम ने कार्रवाई करते समय कंसेशन एग्रीमेंट की उन शर्तों का पालन नहीं किया, जिनमें किसी भी कथित डिफाल्ट अथवा अनुबंध उल्लंघन की स्थिति में नोटिस, सुनवाई और अनुबंध समाप्ति की निर्धारित प्रक्रिया अनिवार्य बताई गई है। बिना अवसर दिए की गई कार्रवाई से कारोबार ठप हो गया और श्रमिकों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया।
निष्क्रियता के खिलाफ हाई कोर्ट की शरण ली गई
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उसने अपनी आपत्तियों और मांगों को लेकर नगर निगम को आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी निष्क्रियता के खिलाफ हाई कोर्ट की शरण ली गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पीयूष तिवारी, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली तथा नगर निगम की ओर से अधिवक्ता सुयश मोहन गुरु उपस्थित हुए।
