इंदौर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज सिटी बस कार्यालय में आयोजित होगी। इसमें दुर्घटना रोकथाम, यातायात सुधार और जनहानि रोकने पर चर्चा होगी।

HighLights
- निर्देश के बावजूद सर्विस रोड पर नहीं सुधरे गड्ढे, मार्किंग और संकेतक नहीं लगे
- सीट बेल्ट के 2,381 और ड्रिंक एंड ड्राइव के 47 चालान बनाए गए
- मानपुर घाट और भेरू घाट पर इंजीनियरिंग की खामियां भी दूर नहीं हुईं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में जून में बैठक हुई थी। इसमें हेलमेट, सीट बेल्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। यातायात पुलिस ने हेलमेट को लेकर खूब चालान बनाए, जबकि सीट बेल्ट और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती कम नजर आई।
इस वर्ष एक जनवरी से 20 अगस्त तक हेलमेट के 1.73 लाख से अधिक चालान बनाए गए। जबकि सीट बेल्ट के 2,381 और ड्रिंक एंड ड्राइव के 47 चालान बनाए गए। वहीं, निर्देश के बावजूद सर्विस रोड की हालत खराब है। मानपुर घाट और भेरू घाट पर इंजीनियरिंग की खामियां भी दूर नहीं की जा सकी हैं और सड़कों पर मार्किंग व संकेतक नहीं लगाए जा सके हैं।
आज बैठक
इंदौर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज 11 बजे सिटी बस कार्यालय में आयोजित होगी। बैठक में इंदौर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा दुर्घटनाओं के कारण होने वाली जनहानि को रोकने के संबंध में विस्तार से चर्चा की जाएगी। जून में हुई बैठक में पूर्व न्यायमूर्ति सप्रे ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि सड़क सुरक्षा का मूल्यांकन दावों से नहीं, बल्कि हादसों और मौतों में आई कमी से होगा।
न्यायमूर्ति सप्रे ने सड़कों का सर्वे कर वर्षाकाल से पहले गड्ढे भरने, ब्लैक स्पाट सुधारने, हेलमेट और सीट बेल्ट की सख्ती बढ़ाने तथा ड्रिंक एंड ड्राइव पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। साथ ही शहर के अंदर और बाहरी सड़कों पर जेब्रा क्रासिंग बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक भी स्थान पर यह नजर नहीं आ रही है।
