नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष ओबीसी आरक्षण के मामले पर अंतिम सुनवाई विगत दिनों टल गई थी। सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकार्ड पेश नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया था।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य शासन को सुप्रीम कोर्ट से रिकार्ड ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए थे। ये दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही सुनवाई शुरू होगी, यह व्यवस्था दी गई थी।
कोर्ट ने 13, 14 और 15 मई को अंतिम सुनवाई करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुई चार लंबित याचिकाओं की अब तक लिस्टिंग नहीं की गई थी।
ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कारणों के चलते यह टल गई।
27 अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों के अधिवक्ताओं के लिए बहस की समय-सीमा तय कर दी थी। 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट में जीएडी का 27 अप्रैल, 2026 का आदेश प्रस्तुत किया।
इसमें बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सालिसिटर जनरल केएम नटराज सरकार की ओर से पक्ष रखेंगे।
