रतलाम-इंदौर फोरलेन पर हादसे के बाद पहली बार सड़क की देखरेख करने वाली कंपनी की जवाबदेही तय हुई है। सातरुंडा के पास रत्तागिरी फंटे पर गुरुवार रात स्लीपर…और पढ़ें

HighLights
- हादसे के बाद पहली बार सड़क की देखरेख करने वाली कंपनी की जवाबदेही तय हुई है
- रतलाम-इंदौर फोरलेन पर सातरुंडा के पास रत्तागिरी फंटे पर हुआ हादसा
- गुरुवार रात स्लीपर बस पलटने से 28 यात्री घायल हुए
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम-इंदौर फोरलेन पर हादसे के बाद पहली बार सड़क की देखरेख करने वाली कंपनी की जवाबदेही तय हुई है। सातरुंडा के पास रत्तागिरी फंटे पर गुरुवार रात स्लीपर बस पलटने से 28 यात्री घायल हुए।
पुलिस ने हादसे के लिए वाहन चालक के साथ क्यूब हाईवे के मेंटनेंस मैनेजर शंशाक श्रीवास्तव को भी जिम्मेदार मानते हुए प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मौके पर सुरक्षा मानक ठीक नहीं थे और सड़क बारिश में फिसलन भरी थी। इस हिस्से में पहले भी हादसे हो चुके हैं तथा कंपनी को सुधार के लिए कई बार कहा गया था।
हादसे से करीब ढाई घंटे पहले इसी यात्रा के यात्रियों की एक अन्य बस धराड़ में दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी थी। राजस्थान के भीलवाड़ा से कोल्हापुर जा रही चिराग बस (आरजे 06 पीए 9900) रात करीब 10:30 बजे श्री सोमनाथ पेट्रोलियम के सामने गलत दिशा से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में डिवाइडर पर चढ़ गई। यात्रियों को सुरक्षित निकालकर पंप पर रोका गया। पुलिस ने क्रेन से बस हटवाई।
बस अनियंत्रित होकर पलट गई
रात करीब 12:30 बजे पीछे से आई जांगिड़ विश्वकर्मा बस (एमपी 44 जेडई 9511) में कुछ यात्री बैठकर आगे रवाना हुए। करीब 10 किलोमीटर बाद प्रकाश नगर के पास बारिश के दौरान कर्व पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यात्रियों के अनुसार बस लहराते हुए चल रही थी।
बस दरवाजे की ओर पलटी, जिसके बाद यात्री ऊपर की खिड़कियों से बाहर निकले। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। बस में करीब 40 से 45 यात्री सवार थे।
घायलों को रतलाम और बदनावर से तीन-चार एंबुलेंस की मदद से रात करीब 2:30 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर हुआ है। घायलों में 11 वर्ष के बच्चे से लेकर 68 वर्ष तक के यात्री शामिल हैं। रेस्क्यू के बाद क्रेन से बस को सीधा कराया गया।
पहले चालक, अब सड़क की जिम्मेदारी भी तय
फोरलेन पर हादसों के मामलों में अब तक कार्रवाई मुख्य रूप से वाहन चालक तक सीमित रहती थी। इस मामले में पुलिस ने सड़क की सुरक्षा और मेंटनेंस में लापरवाही को भी हादसे का कारण माना है। क्यूब हाइवे के मेंटनेंस मैनेजर पर एफआईआर दर्ज होना इसलिए अहम है, क्योंकि इससे सड़क की खराब व्यवस्था के लिए जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही तय होने का रास्ता खुला है।
हादसे के बाद भी पंप पर रुके यात्री
पहली बस के हादसे के बाद कई यात्री शुक्रवार को भी श्री सोमनाथ पेट्रोलियम पर रुके रहे। इनमें बच्चे भी शामिल थे। पंप संचालक अश्विन पाटीदार ने दोपहर में यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। ट्रेवल एजेंसी दूसरी बस की व्यवस्था कर रही है।
