नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। बिलपांक थाना क्षेत्र में बस में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे गए सोने के 238 नग जेवरात वजन 4.167 किलोग्राम और चांदी के 183 नग जेवरात वजन 4.047 किलोग्राम बरामद किए हैं। सोने के जेवरों की कीमत करीब 5.32 करोड़ और चांदी के जेवरों की कीमत करीब नौ लाख रुपये बताई गई है। कुल कीमत करीब 5.41 करोड़ रुपये है। मामले में दो आरोपित फरार हैं।
10 टीमों में करीब 50 पुलिसकर्मी शामिल
खुलासे के बाद सराफा एसोसिएशन ने आइजी राकेश गुप्ता, डीआइजी निमिष अग्रवाल व एसपी अमित कुमार का सम्मान शाल श्रीफल से किया। आरोपितों को पकड़ने में 10 टीमों में करीब 50 पुलिसकर्मी शामिल रहे। आईजी गुप्ता ने टीम को डीजीपी द्वारा पुरुस्कृत करने की बात कही है।
300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए
उज्जैन जोन आइजी राकेश गुप्ता ने रविवार शाम प्रसे वार्ता में बताया कि डीआइजी निमिष अग्रवाल व एसपी अमित कुमार के निर्देशन में घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक के मार्गों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। एएसपी विवेक कुमार लाल व राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद टीम ने संदिग्धों को चिह्नित कर बिलपांक थाना क्षेत्र की हिम्मतगढ़ पहाड़ी से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया।
मारपीट कर बैग छीना और हो गए थे फरार
फरियादी अर्पित पुत्र ललित कुमार चोरड़िया निवासी जैन कालोनी 13 अगस्त को बड़नगर में व्यापारियों को सोने के आभूषण बेचने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस हनुमान चौकी उमरथाना फंटा क्षेत्र में पहुंची। इसी स्थान पर आरोपितों ने चोरड़िया से मारपीट कर बैग छीना और फरार हो गए। छीना-झपटी के दौरान करीब 325 ग्राम सोना गिर गया था, जो चोरड़िया ने अपने मित्र विक्की को दे दिया था और बाद में पुलिस को बता दिया था।
मामले में ईडी और आइटी भी जांच करेगी
अब मामले में ईडी और आइटी भी जांच करेगी। गिरफ्तार आरोपितों में ग्राम उनी निवासी 24 वर्षीय राहुल पुत्र सोदान गुर्जर, 22 वर्षीय अभिजीत उर्फ अभय पुत्र दिनेश गुर्जर, बरगुंडा गली जिला मंसौर निवासी 28 वर्षीय यशवंत पुत्र कैलाश गुर्जर. दिलीप नगर निवासी 25 वर्षीय राहुल उर्फ वीर पुत्र सुरेश गुर्जर, ग्राम जमुनिया निवासी 27 वर्षीय रवि उर्फ बबला पुत्र देवीसिंह गुर्जर व आनंद कालोनी निवासी 42 वर्षीय मोहम्मद उमर उर्फ पप्पू पुत्र इमाम बख्श है।
व्यापारी का पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
मास्टर माइंड रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर रतलाम और इंदौर के हरसोला निवासी गौरव गुर्जर फरार हैं। कार्रवाई में एसडीओपी संदीप मालवीय, किशोर पाटनवाला, डीएसपी आनंद सोनी, अजय सारवान, सुरेंद्र गडरिया, बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान, निरीक्षक स्वराज डाबी, रणजीत सिंगार, एसआइ अनुराग यादव, मुकेश सस्तिया, विजय बामनिया, जीवन बारिया , प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, निलेश पाठक, अनिल सोलंकी, अभिषेक पाठक, समेत पुलिस टीम की भूमिका रही।
एक माह पहले भी किया था लूटने का प्रयास
लूट की पूरी योजना रोहित नायक ने गढ़ी थी। रोहित तीन माह पहले अर्पित के यहां से काम छोड़ चुका था। एक माह पहले अर्पित को बस में लूटने की योजना बनाकर आरोपित पीछे लगे थे, लेकिन वे हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके बाद यह दूसरा प्रयास किया था।
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आरोपितों ने इस तरह दिया था वारदात को अंजाम
- रोहित नायक मास्टरमाइंड: अर्पित के यहां पहले काम कर चुका था। उसे अर्पित के कारोबार और सोना-चांदी लेकर आने-जाने की जानकारी थी। उसी ने लूट की पूरी योजना बनाई और अभिजीत को अर्पित की गतिविधियों की जानकारी दी। अभी फरार।
