नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।
इस सियासी घमासान के केंद्र में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का वो बयान है, जिसने कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक कलह और गुटबाजी को सरेआम उजागर कर दिया है।
‘हमें कांग्रेस के लोगों ने ही दिए दस्तावेज’, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने पर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। विजयवर्गीय ने सीधे तौर पर कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी लड़ाई (राजनैतिक दरार) की ओर इशारा करते हुए कहा…

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“हमें सारे दस्तावेज तेलंगाना से मिल रहे हैं, जहां खुद कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। निश्चित रूप से यह कांग्रेस के ही लोगों का काम होना चाहिए जिन्होंने ये पेपर हम तक पहुंचाए।”
#WATCH | Bhopal: Madhya Pradesh Minister Kailash Vijayvargiya hints that information about Congress RS candidate Meenakshi Natarajan’s nomination papers containing errors came from Telangana, pointing to a rift within the Congress party.
He says, “… We’re getting papers from… https://t.co/8tNSaTmKAt pic.twitter.com/OvXTzsD95H
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 9, 2026
कैलाश विजयवर्गीय के इस तीखे तंज ने यह साफ कर दिया है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदराबाद कोर्ट से जुड़े कानूनी दस्तावेज जुटाने में भाजपा को खुद कांग्रेस के ही अंदरूनी असंतुष्ट धड़े से मदद मिली है।
‘अपराधिक रिकॉर्ड छिपाना एक गंभीर अपराध’, मुख्यमंत्री मोहन यादव का प्रहार
इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने नटराजन द्वारा हलफनामे में जानकारी छिपाने को एक गंभीर संवैधानिक चूक बताया।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा:
“कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा जानबूझकर जानकारी छिपाना, आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाने के अपराध के दायरे में आता है। वास्तव में, यदि किसी भी अदालत में कोई आपराधिक मामला लंबित है, तो हलफनामे (affidavit) में उसका खुलासा किया जाना अनिवार्य है, ताकि जब कोई उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे, तो हर मतदाता को उससे जुड़ी सभी प्रासंगिक जानकारियों का पता हो।”
#WATCH Bhopal | On the nomination of Congress RS candidate from Madhya Pradesh, Meenakshi Natarajan getting rejected, Madhya Pradesh Mohan Yadav says, “The information deliberately withheld by the Congress candidate amounts to the offence of concealing a criminal record. In… pic.twitter.com/VpfqnNFGB6
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 9, 2026
मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रक्रिया के तहत स्क्रूटनी (नामांकन पत्रों की जांच) के चरण में लिए गए इस फैसले का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को अब इस बात पर आत्ममंथन (इंट्रोस्पेक्ट) करना चाहिए कि वे ऐसे आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में क्यों उतारते हैं।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि कांग्रेस की एकमात्र राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र मंगलवार को खारिज कर दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने तेलंगाना (हैदराबाद) की एक अदालत में लंबित अपने एक पुराने आपराधिक मामले की जानकारी नामांकन के साथ जमा किए गए शपथ पत्र में नहीं दी थी।
भाजपा द्वारा इस पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कानूनी नियमों और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए उनका फॉर्म निरस्त कर दिया।
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