नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून (Monsoon in MP) की छाया अब पूरी तरह से गहरा गई है। गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए पूरे प्रदेश को अपनी आगोश में ले लिया। जो मानसून एक दिन पहले तक ग्वालियर-चंबल और राजस्थान से सटे जिलों से दूर था, उसने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते तेजी पकड़ी। अब यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे सात जुलाई तक राज्य में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
गुरुवार को राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। राजधानी में दोपहर ढाई बजे से लेकर सवा तीन तक 9 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि शुक्रवार से बारिश की गतिविधियां तेज होगी। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होगी।
नरसिंहपुर और सिवनी में जमकर बरसे बादल
गुरुवार को मालवा-निमाड़, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर-चंबल समेत सभी संभागों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शाम साढ़े पांच बजे तक सबसे ज्यादा 83 मिलीमीटर बारिश नरसिंहपुर में और 63 मिलीमीटर सिवनी में दर्ज हुई।
इसके अलावा इंदौर, उज्जैन और गुना समेत कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली।
रेड अलर्ट में हरदा और खंडवा, बाकी जिलों के लिए भी चेतावनी
शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होगी। इसके मद्देनजर मौसम विज्ञान केंद्र ने अलर्ट जारी किया है। हरदा और खंडवा रेड अलर्ट में हैं, जहां भारी बारिशहोने की संभावना जताई है।
वहीं ऑरेंज अलर्ट में बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और देवास में मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य सभी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
