जब भर्ती नियम किसी पद को शत-प्रतिशत पदोन्नति से भरने का स्पष्ट प्रविधान करते हों, तब उसी पद के लिए प्रत्यक्ष भर्ती का विज्ञापन जारी करना कितना वैधानिक…और पढ़ें

HighLights
- कोर्ट ने राज्य शासन से दो सप्ताह में जवाब तलब किया है
- 2026 को जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई
- प्रत्यक्ष भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना नियमों का उल्लंघन है
सुरेन्द्र दुबे, नईदुनिया जबलपुर। मध्य प्रदेश के पांच मेडिकल कालेजों में डीन नियुक्ति का मामला अब इसी मूल प्रश्न पर हाई कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है।
शत प्रतिशत पदोन्नति के प्रविधान के बीच शासन की प्रक्रिया कठघरे में
प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन का मामला मानते हुए हाई कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने बुरहानपुर, उमरिया, दमोह सहित पांच नवीन मेडिकल काॅलेजों में डीन पद पर प्रत्यक्ष भर्ती की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई है।
राज्य शासन से दो सप्ताह में जवाब तलब किया
18 मई, 2026 को जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य शासन से दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।
डीन का पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरा जाना अनिवार्य
दरअसल, रीवा के वरिष्ठ चिकित्सक एवं प्रोफेसर डा. मनोज इंदूलकर की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा भर्ती नियम, 2023 के अनुसार डीन का पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरा जाना अनिवार्य है। ऐसे में प्रत्यक्ष भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना नियमों के प्रतिकूल और विधिसम्मत प्रक्रिया का उल्लंघन है।
