जिले में जनवरी से अब तक 37 डेंगू पॉजिटिव मिले हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकांश मामले बाहर से आए लोगों के हैं।

HighLights
- सीजन का पहला केस, ट्रेवल हिस्ट्री से हुआ खुलासा
- स्थानीय स्तर पर राहत, बाहरी मरीजों से बढ़ा खतरा
- बारिश के साथ बढ़ा मच्छरों का आतंक, बरतें सावधानी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिले में इस सीजन का पहला डेंगू मरीज सामने आया है। 25 वर्षीय युवक बेंगलुरु से संक्रमित होकर ग्वालियर पहुंचा था। तबीयत बिगड़ने पर उसे चार जुलाई को हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में उसकी डेंगू रिपोर्ट पाजिटिव आई। मरीज की पुष्टि होते ही जिला मलेरिया विभाग सक्रिय हो गया और उसकी ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर डबरा स्थित निवास पर पहुंचकर लार्वा सर्वे और आवश्यक रोकथाम की कार्रवाई की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मरीज को संक्रमण ग्वालियर में नहीं, बल्कि बेंगलुरु में हुआ था। राहत की बात यह है कि जिले में अब तक स्थानीय स्तर पर डेंगू या मलेरिया का कोई नया संक्रमित मरीज नहीं मिला है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अब तक 1,582 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई है, जिनमें 37 डेंगू पाजिटिव पाए गए हैं। इनमें अधिकांश मामले बाहर से आए संक्रमित मरीजों के हैं। वहीं इस सीजन में अब तक मलेरिया के केवल दो मरीज सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 44 डेंगू मरीज मिल थे।
वर्षा के साथ बढ़ा खतरा, बचाव पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षा के मौसम में घरों और आसपास जमा पानी एडीज मच्छर के पनपने के लिए सबसे अनुकूल वातावरण बनाता है। ऐसे में कूलर, गमले, टायर, छत और अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने देना डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। पिछले वर्ष अधिक वर्षा होने से कई स्थानों पर मच्छरों के लार्वा बह गए थे, जिससे डेंगू का प्रकोप अपेक्षाकृत कम रहा।
मरीज बेंगलुरु से संक्रमित होकर आया था। स्थानीय स्तर पर जांच रिपोर्ट पाजिटिव आने पर संबंधित के घर लार्वा सर्वे करा दिया गया है। लोगों से अपील है कि वे घर और आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं। – डॉ. विनोद दोनेरिया, जिला मलेरिया अधिकारी।
