करीब 15 हजार की जनसंख्या वाले सिंगोली नगर में दो शासकीय एम्बुलेंस सेवा है जिसमें एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है तो दूसरी नगर परिषद द्वारा संचालित …और पढ़ें

HighLights
- एंबुलेंस के अभाव में घायल को निजी वाहन से किया रेफर।
- निलेश धनोतिया सुबह अखबार बांटने का काम करता था।
- मेडिकल स्टोर पर मजदूरी का काम करके घर चलाता था।
सिंगोली। नगर के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित एक मकान में सो रहे मां बेटे पर तीन मंजिला मकान की छत काल बनकर गिरी। तीन छतो का मलबा गिरने से मां की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई वहीं बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया जिसकी कोटा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात सिंगोली के वार्ड क्रमांक 13 में निवासरत निलेश पिता प्रभुलाल धानोंतीया उसका बड़ा भाई रवि व माता सौसर बाई तीनों एक ही कमरे में सो रहे थे।
रात करीब सवा 12 बजे मकान की छत भरभराकर गिर गई जिससे घर में सो रही सौसर बाई पति प्रभुलाल धानोंतीया उम्र करीब 62 वर्ष की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई जबकि निलेश के सिर व हाथ पैर में गंभीर चोटे आई। घर में उसका बड़ा भाई दूसरे कमरे में ही सो रहा था, जिससे वह बच गया।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की सहायता से मलबे में दबे दोनों मां बेटे को बड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ईतेश व्यास ने सौसर बाई को मृत घोषित कर दिया। गंभीर घायल निलेश का प्राथमिक उपचार कर तत्काल रेफर किया जिसकी कोटा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
नगर परिषद की अनदेखी से धूल खा रही एम्बुलेंस, घायल को निजी वाहन से किया रेफर
- करीब 15 हजार की जनसंख्या वाले सिंगोली नगर में दो शासकीय एम्बुलेंस सेवा है जिसमें एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है तो दूसरी नगर परिषद द्वारा संचालित एंबुलेंस है।
- लेकिन देर रात में स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस डिलीवरी के पेशेंट को छोड़ने गई थी। वहीं नगर परिषद की एम्बुलेस देखरेख के अभाव में धूल खा रही है।
- बताया जा रहा है कि नगर परिषद द्वारा एंबुलेंस का मेंटेनेंस नहीं करवाने के कारण एंबुलेंस बंद पड़ी है।
- ऐसे में आए दिन हो रहे छोटे बड़े हादसों में मरीजों को निजी वाहन से रेफर किया जा रहा है जिसका आर्थिक बोझ भी कई बार मरीजों के परिवार को वहन करना पड़ता है।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे अधिकारी
दुर्घटना की जानकारी मिलने पर वार्ड क्रमांक 13 स्थित मकान पर तहसीदार प्रेमशंकर पटेल, प्रभारी सीएमओ कपिल सिंह राजावत, प्रभारी राजस्व निरीक्षक प्रकाश शुक्ला सहित नगर परिषद के कर्मचारी पहुंचे।
अखबार बांटकर घर चलाता था निलेश
निलेश धनोतिया सुबह सुबह अखबार बांटने का काम करता और फिर दिन में मेडिकल स्टोर पर मजदूरी का काम करके अपना घर चलाता था। बड़ा भाई होटलों पर करता था सफाई कार्य।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की नाकामी आई सामने
बताया जा रहा है कि निलेश पिछले करीब 3 साल से नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीएमओ से अपने मकान की मरम्मत करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि स्वीकृत करवाने के लिए आवेदन निवेदन करके चक्कर काट रहा था। लेकिन शासन के सिस्टम का हवाला देकर नगर परिषद अध्यक्ष सुरेश जैन भाया, उपाध्यक्ष मोतीलाल धाकड़ और सीएमओ ने उसकी सहायता नहीं की और परिणाम दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आया, जिसमें निलेश और उसकी मां को अपनी जान गंवानी पड़ी।
