हत्या के बाद आरोपित मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह पीथमपुर, मुंबई और अहमदाबाद में मजदूरी कर पुलिस से बचता रहा। ह …और पढ़ें

HighLights
- पाटन की दीपशिखा स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत थीं।
- ड्यूटी के लिए अपने कमरे से अस्पताल जा रही थीं।
- अस्पताल गेट के पास आरोपित ने उन्हें रोक लिया।
जबलपुर। सागर जिले के शाहगढ़ में स्टाफ नर्स की गोली मारकर हत्या करने वाले इनामी आरोपित सुनील उर्फ सुशील चढ़ार को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र स्थित उसके गांव मुढिया से दबोचा गया। हत्या के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और मुंबई व अहमदाबाद में ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था।
पाटन निवासी दीपशिखा चढ़ार शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत थीं। चार फरवरी की रात वह ड्यूटी के लिए अपने किराए के कमरे से अस्पताल जा रही थीं। अस्पताल गेट के पास आरोपित ने उन्हें रोक लिया। विरोध करने पर उसने कट्टे से तीन फायर किए, जिनमें दो गोलियां दीपशिखा की पीठ में लगीं। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि पनागर के मुढिया गांव निवासी सुनील चढ़ार दीपशिखा से एकतरफा प्रेम करता था और उससे विवाह करना चाहता था। दोनों आपस में स्वजन होने के कारण परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच दीपशिखा का विवाह दूसरी जगह तय हो गया, जिससे आरोपित नाराज हो गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह यह स्वीकार नहीं कर पा रहा था कि दीपशिखा किसी और से शादी करे, इसलिए उसने हत्या की योजना बनाई।
हत्या के बाद आरोपित मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह पीथमपुर, मुंबई और अहमदाबाद में मजदूरी कर पुलिस से बचता रहा। हाल ही में मां का स्वास्थ्य खराब होने की सूचना पर वह गांव लौटा, जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। जांच में पता चला कि यह हथियार आरोपित के चचेरे भाई सौरभ चढ़ार ने उपलब्ध कराया था। पुलिस ने सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद सागर ले जाया गया, जहां मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
