नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास से उत्तर-पूर्व की सतत कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण रेल से यात्रा करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रूट पर वर्तमान में एक भी नियमित ट्रेन का संचालन नहीं हो पा रहा है। साप्ताहिक, द्वि-साप्ताहिक व त्रि-साप्ताहिक ट्रेनें चल रही हैं लेकिन इससे भीड़ नियंत्रण में नहीं आ रही है। इस रूट पर सालभर ही वेटिंग की स्थिति रहती है।
रिजर्वेशन में कन्फर्म सीट नहीं मिलने के कारण कई यात्री रतलाम, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर आदि स्थानों से ट्रेन बदलकर यात्रा करते हैं। गर्मी की छुट्टियों, तीज-त्योहार पर परेशानी और बढ़ जाती है। वैसे तो पश्चिम रेलवे द्वारा इस रूट पर समय-समय पर विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया जाता है लेकिन इन ट्रेनों के देवास नहीं आने के कारण यात्रियों को इंदौर या उज्जैन का रुख करना पड़ता है।
भोपाल से सप्ताह में तीन दिन रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस का संचालन होता है, इसके इंदौर तक विस्तार की मांग उठ रही है। यदि इस ट्रेन का विस्तार हो जाए तो उत्तर-पूर्व के लिए देवास से सप्ताह में सतत कनेक्टविटी तो हो ही जाएगी, भोपाल से देवास के लिए सुबह आठ बजे के बाद शाम के पांच बजे के बीच एक भी ट्रेन नहीं होने की समस्या से भी राहत मिल जाएगी।
अभी इन ट्रेनों का संचालन उत्तर-पूर्व रूट पर
देवास रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्व के लिए हर शनिवार को इंदौर-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस, प्रति सोमवार और बुधवार को इंदौर-पटना एक्सप्रेस, हर गुरुवार को डॉक्टर आंबेडकरनगर-कामाख्या एक्सप्रेस तथा मंगलवार, गुरुवार, शनिवार को इंदौर-हावड़ा शिप्रा एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है। अगर भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस का विस्तार इंदौर तक हो जाए तो रविवार, मंगलवार, शुक्रवार को अतिरिक्त ट्रेन उत्तर-पूर्व के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
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भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस का रूट और समय
भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को भोपाल से शाम सवा सात बजे रवाना होती है। विदिशा, बीना, ललितपुर, झांसी, उरई, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, गुरु गोरखनाथ धाम, अमेठी होते हुए अगले दिन सुबह करीब नौ बजे मां बेल्हा देवी प्रतापगढ़ पहुंचती है। वापसी में प्रतापगढ़ से यह ट्रेन सोमवार, बुधवार, शनिवार को शाम 7.10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 8.30 बजे भोपाल पहुंचती है।
रेलवे के जानकारों के अनुसार, अगर इस ट्रेन को भोपाल से इंदौर तक विस्तारित किया जाता है तो मक्सी, देवास होकर ट्रेन दोपहर एक बजे तक इंदौर पहुंच सकती है। वापसी में ढाई बजे के आसपास इंदौर से रवाना होकर यह भोपाल में शाम को अपने पूर्व निर्धारित समय सवा सात बजे पहुंच सकती है।
देवास में पांच हजार से ज्यादा परिवार
मूल रूप से उप्र निवासी एडवोकेट शैलेंद्र सिंह कुशवाह के अनुसार, औद्योगिक शहर होने के कारण देवास में उत्तर, पूर्व के पांच हजार से अधिक परिवार निवास करते हैं। गर्मी की छुट्टियों के अलावा त्योहारों पर हजारों लोग रेल से यात्रा करते हैं, प्रतिदिन सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण यात्री परेशान होते हैं, कई यात्री भोपाल, रतलाम, ग्वालियर से ट्रेन बदलकर आगे की यात्रा करते हैं। ट्रेन का सफर बस की तुलना में करीब पांच गुना सस्ता रहता है। करीब एक माह पहले इंदौर में हुई रेलवे व जनप्रतिनिधियों की बैठक में भोपाल-प्रतापगढ़ ट्रेन के विस्तार का मुद्दा उठ चुका है।
-ट्रेनों के फेरे बढ़ाने, विस्तार आदि के संबंध में यात्रियों, जनप्रतिधियों की ओर से समय-समय पर मांग उठाई जाती है। इस संबंध में निर्णय वरिष्ठ स्तर से लिए जाते हैं।
-मुकेश कुमार, पीआरओ रतलाम मंडल।
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