नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हत्या के प्रयास एवं अवैध वसूली जैसे गंभीर मामलों में आरोपित और लंबे समय से फरार चल रहे आदतन अपराधी तरुण पटेल को रांझी पुलिस ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
साथी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं
पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल मोनू खान, सोनू यादव और सौरभ बैन को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपित तरुण पटेल लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। ठिकाने बदलकर महिनों धोखा देता रहा। भिखारी बनता तो कभी कोई रूप धर लेता। पीछे पड़ी तरुण पटेल को रांझी पुलिस ने गुजरात से दबोच लिया।
मुखबिर की सूचना और तकनीकी निगरानी
एसपी एवं सीएसपी के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर सूरत में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलानी के अनुसार 19 मई को रवि कोरी की शिकायत पर तरुण पटेल और उसके साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपित ने लोहे की राॅड से हमला कर रवि के हाथ-पैर में गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। आरोपित के खिलाफ पूर्व से भी अवैध वसूली के मामले दर्ज हैं।
वारदात में प्रयुक्त लोहे की राड भी जब्त
आरोपित के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लोहे की राड भी जब्त की गई है। आरोपित को रविवार को न्यायालय में पेश करने के बाद केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।
मकान के विवाद में लोहे की रॉड से किया था हमला
रांझी थाना क्षेत्र में रहने वाले रवि कोरी पर 19 मई 2026 की रात तरुण पटेल ने लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया था। रवि बैनीखेड़ा, थाना पाटन का रहने वाला है। उसने इंद्रावास कॉलोनी में तरुण पटेल, सोनू यादव और सौरभ बेन से 5 लाख 21 हजार रुपये में मकान खरीदा था।
मकान की रजिस्ट्री कराने की बात कही थी
रवि ने दो लाख रुपये देने के बाद शेष 3 लाख 21 हजार रुपये जल्द देने की बात कहते हुए मकान की रजिस्ट्री कराने की बात कही थी। आरोप है कि रुपये लेने के बाद तरुण और उसके साथियों ने मकान बेचने से इनकार कर दिया। रवि ने जब इस पर जोर दिया तो तरुण ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रवि की शिकायत पर रांझी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तरुण की तलाश शुरू की।फरार आरोपित की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कटनी में पुलिस की गाड़ी देखकर भाग निकला
पुलिस से बचने के लिए तरुण ने कटनी, छिंदवाड़ा और मैहर सहित कई जिलों में ठिकाने बदले। वह हर कुछ दिन में अपना हुलिया भी बदल लेता था। कभी मजदूर तो कभी भिखारी बनकर घूमता था।पुलिस को उसकी कटनी में मौजूदगी की सूचना मिली तो रांझी पुलिस टीम वहां पहुंची। इसी दौरान पुलिस ने एमपी-20 नंबर की एक कार देखी। जबलपुर की गाड़ी देखते ही तरुण को पुलिस के पहुंचने का अंदेशा हो गया और वह मौके से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी।
सूरत में निर्माणाधीन भवन में कर रहा था सुरक्षा गार्ड की नौकरी
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के अनुसार 20 अगस्त को सूचना मिली कि तरुण गुजरात के सूरत में छिपा हुआ है और उसने अपना हुलिया मजदूर जैसा बना लिया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम सूरत रवाना हुई।कटनी की घटना से सबक लेते हुए पुलिस इस बार बिना नंबर की गाड़ी से सूरत पहुंची। तलाश के दौरान तरुण एक निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता मिला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 23 अगस्त को टीम उसे लेकर जबलपुर पहुंची।
साधु बनकर उज्जैन में काट रहा था फरारी
दूसरा आरोपित प्रवीण रजक भी पुलिस से बचने के लिए लगातार हुलिया बदलता रहा। उस पर रांझी और आसपास के क्षेत्रों में मारपीट, हत्या के प्रयास, लूट, अवैध वसूली और बमबाजी सहित एक दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
नर्मदा नदी के तिलवाराघाट क्षेत्र में भी फरारी काटी
पुलिस के अनुसार प्रवीण को लगा कि साधु का भेष धारण करने से उसकी पहचान मुश्किल होगी। इसी कारण उसने नर्मदा नदी के तिलवाराघाट क्षेत्र में भी कुछ समय फरारी काटी। करीब छह महीने से फरार प्रवीण बाद में उज्जैन पहुंच गया। वह दिनभर अलग-अलग स्थानों पर घूमता और रात महाकाल मंदिर के आसपास बिताता था।रांझी पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और सूचना के आधार पर उज्जैन पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रवीण ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया था।
बमबाजी समेत कई मामलों में है आरोपित
पुलिस के अनुसार प्रवीण रजक के खिलाफ रांझी और आसपास के थाना क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, बमबाजी, अवैध वसूली सहित अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और फरारी के दौरान संपर्क में रहे लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
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