नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मायके जाने निकली नागपुर की शबाना अंजुम की यात्रा आमलाई रेलवे स्टेशन पर ऐसी थमी कि वह सीधे एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मुकदमे में आरोपित बन गई।
महिला से पुलिस ने पूछताछ की
उसका दावा था कि ट्रेन के गंदे शौचालय के कारण वह प्लेटफाॅर्म स्थित महिला प्रसाधन गई और लौटने तक ट्रेन छूट चुकी थी। अगली ट्रेन का इंतजार कर रही महिला से पुलिस ने पूछताछ की।
खुद के अनुसार कभी सवार ही नहीं थी
तलाशी में कमर से दो चाकू मिले और कुछ ही देर बाद उसे उस कार से जुड़े 71 किलो, 820 ग्राम गांजा बरामदगी प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें वह खुद के अनुसार कभी सवार ही नहीं थी।
आत्मरक्षा के लिए चाकू रखना अपराध नहीं
हाई कोर्ट में अधिवक्ता संदीप कुमार जैन, सह-अधिवक्ता चंद्रशेखर पटेल ने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार रखते हुए दलील दी कि अकेली पर्दानशीन महिला का आत्मरक्षा के लिए चाकू रखना अपराध नहीं ठहराया जा सकता।
उसका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था
उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और कथित गांजा कार के कबाड़ के नीचे मिला, जिससे उसका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। एनडीपीएस अधिनियम की प्रक्रिया के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया गया।
निजी मुचलके पर नियमित जमानत
दलीलों से संतुष्ट न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने विचारण लंबा चलने और परिस्थितियों को देखते हुए शबाना अंजुम को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी।
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