एचएम कंस्ट्रक्शन एंड सिविल सर्विसेज कंपनी के मालिक एहसान खान झांसी ने कार मालिकों को ज्यादा भाड़ा देने का लालच दिया। …और पढ़ें

HighLights
- मुरैना-जौरा के 11 कार मालिक ठगी का शिकार
- झांसी-टीकमगढ़ गिरोह ने बेचीं लग्जरी कारें
- मास्टर माइंड एहसान समेत अन्य साथी फरार
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। बाजार रेट से ज्यादा भाड़ा देने का लालच देकर झांसी व टीकमगढ़ के ठगों ने मुरैना व जौरा की 12 लग्जरी कारों का अनुबंध कर उनको दो महीने बाद बेच दिया। इससे 11 कार मालिकों को एक करोड़ रुपये का चूना लगा है। सिविल लाइन पुलिस ने उनमें से चार कारों को जब्त किया और मुरैना ले आए। अभी मास्टर माइंड ठग एहसान खान समेत उसकी टीम के साथी राजकुमार व योगेश अहिरवार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
ग्वालियर के अभिषेक शर्मा के जरिए दिया लालच
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के रहने वाले अभिषेक शर्मा के माध्यम से महाराजपुरा में रहने वाले राजवीर यादव ने झांसी की फर्जी एचएम कंस्ट्रक्शन एंड सिविल सर्विसेज कंपनी में अपनी स्कार्पियो व आर्टिका कार भाड़े पर लगा दी थी। एचएम कंस्ट्रक्शन एंड सिविल सर्विसेज कंपनी के मालिक एहसान खान झांसी ने कार मालिकों को लालच दिया कि पांच सीटर कार का भाड़ा 20 हजार रुपये महीने व सात सीटर कार का भाड़ा 25 हजार रुपये महीने दिया जाएगा।
ज्यादा भाड़ा मिलने के लालच में महाराजपुरा के रामवीर यादव, छोटू हृदेश शर्मा,नीटू यादव, दाऊजी धाम के रमाकांत त्यागी, न्यू हाउसिंग कालोनी के लालू यादव, अलापुर जौरा के मुकेश यादव, अंजुम खान, पुरानी हाउसिंग कालोनी के रोहित नरेंद्र यादव व काका ढाबा के पास रहने वाले रामू पचौरी ने अपनी 12 लग्जरी कार एहसान खान के नाम अनुबंधित कर दीं। जनवरी व फरवरी तक एहसान खान ने कार मालिकों को अनुबंध के मुताबिक भाड़ा का भुगतान किया। मार्च से जब भाड़ा मिलना बंद हुआ तो कार मालिक सक्रिय हुए। तब पता चला कि ठग एहसान खान झांसी छोड़कर भाग गया है।
तीनों लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
उसकी कंपनी के कथित कर्मचारी राजकुमार पुत्र बादाम सिंह यादव व योगेश अहिरवार भी भाग गए हैं। तब मुरैना व जौरा के 11 कार मालिकों ने मिलकर थाना सिविल लाइन में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। सब इंसपेक्टर अजय बैसांदर, प्रधान आरक्षक सुनील परमार ने विवेचना के दौरान नदिया, टीकमगढ़, करमौरा व टीकमगढ़ के होटल के पास से चार कारों को बरामद कर लिया है। बताया जाता है कि अनुबंध के माध्यम से ली गईं एक करोड़ रुपये कीमत की कारों को ठगों ने औने-पौने रेट पर दूसरों को बेच दिया। ग्वालियर के कार मालिकों से भी बड़ी संख्या में ऐसी ही ठगी की गई है।
