नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बैंक आफ महाराष्ट्र की बेनीखेड़ा शाखा के शाखा प्रबंधक प्रीतम कुमार बेहरा के खिलाफ छह लाख रुपये से अधिक के गबन, धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया है।
आरोपित के विरुद्ध एफआइआर पंजीबद्ध
ईओडब्ल्यू एसपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआइआर पंजीबद्ध की गई है।
अधीनस्थ कर्मचारियों की लागिन आइडी का उपयोग किया
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शाखा प्रबंधक प्रीतम कुमार बेहरा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों की लागिन आइडी का उपयोग किया।
खाते में अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर कर दिए
नौ स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के खातों से कुल चार लाख 21 हजार 108 रुपये अपनी पत्नी मोनालसा बेहरा के खाते में अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर कर दिए।
मोबाइल बैंकिंग से आउटसोर्स कर्मचारी के रुपये निकाले
बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी मनोज कुमार चक्रवर्ती के नाम पर धोखाधड़ी से खाता खुलवाकर उसके एटीएम और मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करते हुए एक लाख 43 हजार 480 रुपये स्वयं निकाल लिए।
लोक अदालत की राशि भी नहीं की जमा
छानबीन में पता चला कि लोक अदालत के दौरान चार एनपीए खातों की वसूली के रूप में रिकवरी एजेंट की ओर से 38 हजार रुपये की नकद राशि जमा कराई गई थी। यह राशि आरोपित ने बैंक में जमा नहीं कराई और उसे अपने पास रख लिया।
ओडिशा के पुरी में सुदर्शन नगर का निवासी है, गढ़ा क्षेत्र में रह रहा
इस प्रकार कुल छह लाख दो हजार 558 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोपित मैनेजर प्रीतम मूल रूप से ओडिशा के पुरी में सुदर्शन नगर का निवासी है। वह वर्तमान में गढ़ा क्षेत्र में रह रहा है।
शिकायत के बाद हुई जांच
विभागीय जांच में गड़बड़ी मिलने पर बैंक आफ महाराष्ट्र के अंचल कार्यालय के शाखा प्रबंधक की ओर से मामले की शिकायत की गई थी। भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर ईओडब्ल्यू निरीक्षक भूमेश्वरी चौहान ने विस्तृत जांच की।
बिना ग्राहकों की अनुमति किए गए लेनदेन की पुष्टि
जांच के दौरान बैंक कर्मचारियों, गवाहों और दस्तावेजों की पड़ताल में बिना ग्राहकों की अनुमति किए गए लेनदेन की पुष्टि हुई। संबंधित वाउचर भी उपलब्ध नहीं मिले, जिससे अनियमितताओं की पुष्टि हुई। आरोपित पर मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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