शहर में यात्री सुरक्षा को ताक पर रखकर बस संचालन का बड़ा मामला सामने आया है। …और पढ़ें

HighLights
- जरूरी दस्तावेजों के चल रही यात्री बस आरटीओ ने जब्त की
- पुरानी बस पर भी कार्रवाई, परमिट पहले ही हो चुका था निरस्त
- बिना फिटनेस, पीयूसी और इमरजेंसी गेट के संचालित हो रही थी बस
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर में यात्री सुरक्षा को ताक पर रखकर बस संचालन का बड़ा मामला सामने आया है। दीनदयाल बस स्टैंड से पाटन मार्ग पर सवारियां लेकर जा रही एक बस को परिवहन विभाग ने उस समय पकड़ लिया, जब वह बिना नंबर प्लेट और जरूरी दस्तावेजों के सड़क पर दौड़ रही थी। कार्रवाई के दौरान एक 15 साल पुरानी बस को भी जब्त किया गया, जिसका परमिट पहले ही निरस्त हो चुका था।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार जिला परिवहन अधिकारी रिंकु शर्मा अपने कार्यालय जा रही थीं। इसी दौरान उनके वाहन के सामने बिना नंबर की एक बस गुजरती दिखाई दी। संदेह होने पर उन्होंने तत्काल परिवहन विभाग के अमले को बस की जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि बस के पास न तो वैध परमिट था, न इंश्योरेंस और न ही अन्य जरूरी दस्तावेज। इसके बावजूद बस में सवारियां बैठाकर उसका संचालन किया जा रहा था। परिवहन विभाग की टीम बस को जब्त कर आरटीओ कार्यालय ले आई।
जांच में मिलीं ये खामियां
अधिकारियों के मुताबिक बस जेके एंड जीटी रोडवेज की थी। जांच में पाया गया कि बस बिना फिटनेस, बिना पीयूसी, बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, बिना वीएलडीटी पैनिक बटन और बिना इमरजेंसी गेट के संचालित हो रही थी। बस संचालक सचिन तिवारी ने दावा किया कि बस के परमिट और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं, लेकिन मौके पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
बस को किया गया जब्त
इसी कार्रवाई के दौरान दीपक ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 16 पी 0172 को भी जब्त किया गया। परिवहन विभाग के अनुसार यह बस 15 वर्ष से अधिक पुरानी हो चुकी थी और उसका परमिट निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद बस का संचालन जारी था। परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
