रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी जलाशय में लगातार बढ़ रही पानी की आवक ने परियोजना प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बांध का जलस्तर करीब 420.20 मीटर प…और पढ़ें

HighLights
- बरगी जलाशय का जलस्तर 420.20 मीटर पहुंचा
- डेढ़ मीटर और बढ़ा पानी तो खोले जाएंगे जलद्वार
- 24 घंटे में 1000 क्यूमेक पानी छोड़ने की तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी जलाशय में लगातार बढ़ रही पानी की आवक ने परियोजना प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह बांध का जलस्तर 420.15 मीटर दर्ज किया गया, जबकि दोपहर तक यह बढ़कर करीब 420.20 मीटर पहुंच गया। अमरकंटक, डिंडौरी और मंडला सहित जलभराव क्षेत्र में हो रही बारिश का सीधा असर बरगी जलाशय पर पड़ रहा है।
डेढ़ मीटर और बढ़ा पानी तो खोले जाएंगे जलद्वार
पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के जलद्वार कभी भी खोले जा सकते हैं। कार्यपालन यंत्री बरगी बांध राजेश सिंह के मुताबिक जल उपयोगी क्षमता 2492 एमसीएम यानी 78.36 प्रतिशत हो चुकी है। वर्तमान में जलाशय में करीब 760 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और कैचमेंट एरिया में संभावित बारिश को देखते हुए आगामी 24 घंटे में बांध से करीब 1000 क्यूमेक पानी की निकासी की स्थिति बन सकती है।
डेढ़ मीटर और बढ़ा जलस्तर तो बढ़ेगा दबाव
बरगी बांध के अधिकतम जलस्तर को ध्यान में रखते हुए वर्तमान स्थिति में परियोजना प्रशासन लगातार जलाशय की निगरानी कर रहा है। पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर जलद्वार खोलकर पानी की निकासी शुरू करनी पड़ सकती है। जलस्तर करीब डेढ़ मीटर और बढ़ने पर जलद्वार खोलना जरूरी हो सकता है।
बांध के जलद्वार खोले जाने पर नर्मदा नदी में पानी की मात्रा बढ़ेगी। इससे जबलपुर सहित नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों में 3 से 4 फीट तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। परियोजना प्रशासन ने लोगों से नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
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पहले दी जाएगी सूचना
कार्यपालन यंत्री बरगी बांध राजेश सिंह ने बताया कि बांध के जलद्वार खोलने से पहले संबंधित अधिकारियों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वायरलेस मैसेज और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना दी जाएगी। बांध में पानी की आवक के अनुसार पानी की निकासी की मात्रा को कभी भी घटाया या बढ़ाया जा सकता है। बांध प्रबंधन ने अपील की है कि लोग नर्मदा के घाटों पर जाने से बचें और जलद्वार खुलने की स्थिति में नदी एवं तटीय क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
