प्रश्नपत्र में गड़बड़ी का पता चलते ही परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में विश्वविद्यालय ने ई-मेल के जरिए सही प्रश्नपत्र भेजकर परीक् …और पढ़ें

HighLights
- पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया था
- सही प्रश्नपत्र ई-मेल से परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध कराया
- परीक्षा केंद्रों से तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना भेजी
नई दुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की पॉलिटेक्निक परीक्षा में शुक्रवार को गंभीर लापरवाही सामने आई। फिजिक्स विषय की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को गलती से केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र थमा दिया गया।
महिला पॉलिटेक्निक और कलानिकेतन कॉलेज परीक्षा केंद्र
शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जबकि महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज और कलानिकेतन पॉलिटेक्निक कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र के रूप में निर्धारित किया गया था।
पूछे गए प्रश्न फिजिक्स विषय से संबंधित नहीं हैं
सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू होने पर सीलबंद लिफाफे खोले गए और प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को वितरित किए गए। प्रश्नपत्र पढ़ते ही विद्यार्थियों ने महसूस किया कि पूछे गए प्रश्न फिजिक्स विषय से संबंधित नहीं हैं।
छात्रों ने जताई आपत्ति
गड़बड़ी सामने आने पर विद्यार्थियों ने तुरंत परीक्षा अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। प्रारंभ में कुछ छात्रों को लगा कि शायद परीक्षा विषय में कोई बदलाव किया गया है, लेकिन जल्द ही स्पष्ट हो गया कि प्रश्नपत्र गलत वितरित हुआ है। इसके बाद केंद्राध्यक्षों ने मामले की जांच शुरू की।
लिफाफे पर फिजिक्स, अंदर निकला केमिस्ट्री का पेपर
जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय से भेजे गए जिस पैकेट पर फिजिक्स विषय अंकित था, उसके भीतर केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र रखा गया था। इस त्रुटि ने परीक्षा संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। परीक्षा केंद्रों से तत्काल विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना भेजी गई।
ई-मेल से भेजा गया सही प्रश्नपत्र
मामले की पुष्टि होने के बाद आरजीपीवी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सही फिजिक्स प्रश्नपत्र ई-मेल के माध्यम से परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध कराया। केंद्रों पर प्रश्नपत्र की प्रतियां तैयार कर विद्यार्थियों को वितरित की गईं और परीक्षा पुनः प्रारंभ कराई गई।
छात्रों को मिला अतिरिक्त समय
प्रश्नपत्र बदलने में हुए विलंब और विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए विश्वविद्यालय ने परीक्षा के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय प्रदान किया। इसके बाद दोपहर 12 बजे से सही प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा दोबारा शुरू हुई, ताकि किसी भी विद्यार्थी को नुकसान न हो।
