नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश के कई नगर निगमों में सरकार एल्डरमैन की नियुक्तियां कर चुकी है, लेकिन जबलपुर नगर निगम में यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। भाजपा संगठन की ओर से एल्डरमैन पद के लिए 10 नामों का पैनल प्रदेश नेतृत्व को भेजा जा चुका है, लेकिन इन नामों पर अंतिम मंजूरी का इंतजार बना हुआ है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि फिलहाल सरकार ने उन्हीं नगर निकायों में नियुक्तियां की हैं, जहां नामों को लेकर किसी तरह का विवाद या असहमति नहीं थी।
जबलपुर में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच आवश्यक सहमति नहीं बनने के कारण कई महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्तियां लंबित हैं। इसका असर केवल एल्डरमैन की नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा महानगर युवा मोर्चा अध्यक्ष के चयन और नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के विस्तार पर भी दिखाई दे रहा है।
10 नामों का पैनल भेजा, लेकिन फैसला बाकी
सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन ने काफी पहले एल्डरमैन पद के लिए 10 नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया था। इस सूची में संगठन की पसंद के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों की अनुशंसा वाले नाम भी शामिल किए गए हैं।
हालांकि, कुछ नामों को लेकर आपत्तियां सामने आने के बाद अंतिम निर्णय नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि शहर के कुछ वरिष्ठ नेताओं की पसंद के नाम सूची में शामिल नहीं होने के कारण भी सहमति बनने में देरी हो रही है। इसी वजह से अब तक जबलपुर नगर निगम के एल्डरमैन की घोषणा नहीं की जा सकी है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष का चयन भी अधर में
राजनीतिक नियुक्तियों में देरी का असर भाजपा संगठन पर भी दिखाई दे रहा है। महानगर युवा मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। जबकि भाजपा की ग्रामीण इकाई में सहमति बनने के बाद पहली सूची में ही अध्यक्ष की घोषणा कर दी गई थी।
इस स्थिति के चलते महानगर संगठन में नियुक्तियों में हो रही देरी को लेकर पार्टी के भीतर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगठन स्तर पर सहमति बनने का इंतजार किया जा रहा है।
एमआईसी विस्तार और जेडीए नियुक्तियों पर भी नजर
नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के विस्तार को भी राजनीतिक नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के उपाध्यक्ष पद को लेकर भी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कुछ नाम संगठन स्तर पर प्रस्तावित किए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच जब सहमति बन जाएगी, तब एल्डरमैन नियुक्ति, एमआईसी विस्तार, युवा मोर्चा अध्यक्ष के चयन और जेडीए से जुड़ी लंबित नियुक्तियों पर एक साथ निर्णय लिया जा सकता है।
सहमति बनने का इंतजार
फिलहाल जबलपुर में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भाजपा संगठन की ओर से नामों का पैनल भेजे जाने के बावजूद अंतिम मंजूरी नहीं मिलने से सभी संबंधित फैसले लंबित हैं। अब नजर इस बात पर है कि प्रदेश नेतृत्व इन नामों पर कब अंतिम निर्णय लेता है और जबलपुर नगर निगम सहित अन्य राजनीतिक नियुक्तियों को हरी झंडी मिलती है।
