सविता के अनुसार हादसे के बाद जब घायलों को निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया, तब हालात अव्यवस्थित थे। कई लोगों के मोबाइल बंद हो चुके थे, कपड़े और जेब में …और पढ़ें

HighLights
- क्रूज में विदेशी कंपनी के दो आधुनिक इंजन लगे थे
- अस्पताल में इलाज के दौरान बिल थमाने की प्रशासन कर रहा जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद पर्यटन विभाग अब अपनी एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) में नए सुरक्षा नियम जोड़ने जा रहा है। हादसे की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मौसम में अचानक आए बदलाव की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जिससे हालात बिगड़े।
क्रूज संचालन में पहले से ही सभी सुरक्षा मानक लागू थे?
पर्यटन विभाग के वाटर स्पोर्ट गतिविधियों के प्रमुख कमांडर राजेंद्र निगम के मुताबिक क्रूज संचालन में पहले से ही सभी सुरक्षा मानक लागू थे। पहले से ही मोटर बोर्ड में बैठने वाले यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य थी, नशे में सवार होने पर रोक थी और क्रूज का नियमित मेंटनेंस किया जाता था। हालांकि घटना के तथ्य सामने आने के बाद उन्हें दोबारा न दोहराया जाए, इसके लिए और भी नए सुरक्षा मापदंड को जोड़ा जाएगा।
जानें क्या है एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया
एसओपी (Standard Operating Procedure) या मानक संचालन प्रक्रिया चरण-दर-चरण लिखित निर्देशों का एक समूह है, जो किसी संगठन में नियमित कार्यों को कुशलतापूर्वक और लगातार पूरा करने के लिए तैयार किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता, सुरक्षा, नियम अनुपालन और कार्यों में एकरूपता सुनिश्चित करना है।मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) चरण-दर-चरण निर्देशों का एक दस्तावेजी समूह है जो किसी संगठन के भीतर नियमित कार्यों को लगातार और कुशलतापूर्वक करने का तरीका बताता है। यह सभी कार्यों में गुणवत्ता और एकरूपता बनाए रखने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
दो आधुनिक इंजन लगे थे, जिन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बताया
सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में सामने आए कारण में अचानक आए तूफान और तेज लहर हैं, जिससे क्रूज में रोलिंग हुई, जिससे प्रोपेलर और रडर प्रभावित हुए और इंजन ने अस्थायी रूप से काम करना बंद कर दिया। क्रूज में विदेशी कंपनी के दो आधुनिक इंजन लगे थे, जिन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बताया गया है।
अस्पताल में बिल मांगने की जांच
क्रूज हादसे को लेकर पीड़िता के बयान के बाद इलाज के दौरान पैसे लेने पर बहस छिड गइ है। प्रशासन ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए है। एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह द्वारा इसकी जांच कराई जा रही है। यह देखा जा रहा है कि किस एंबुलेंस में पीडिता को ले जाया गया।
अधिकांश पीड़ित उस स्थिति में नहीं थे कि तुरंत पैसे दे सकें
निजी अस्पताल ले जाने की क्या वजह रही। चश्मदीद वाराणसी निवासी सविता वर्मा ने आरोप लगाया था कि उन्हें अस्पतालों में संवेदनशील व्यवहार नहीं मिला। इलाज से पहले ही भुगतान को लेकर दबाव बनाया गया, जबकि अधिकांश पीड़ित उस स्थिति में नहीं थे कि तुरंत पैसे दे सकें।
निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया, तब हालात अव्यवस्थित थे
सविता के अनुसार हादसे के बाद जब घायलों को निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया, तब हालात अव्यवस्थित थे। कई लोगों के मोबाइल बंद हो चुके थे, कपड़े और जेब में रखे पैसे भीग चुके थे और परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन इलाज शुरू करने से पहले बिल और भुगतान की बात करता रहा।
