नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के पड़ाव इलाके में शुक्रवार-शनिवार की रात 12.20 बजे डफ़रन सराय इलाके में नगर निगम के आउटसोर्स कर्मचारी ने ख़ुद को लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसने भाई को वाट्स एप पर वीडियो कॉल किया और भाई के सामने ही थोड़ी पर राइफल की नाल अड़ाकर गोली से उड़ा लिया। उसके मुंह और सिर के चीथडे उड़ गए।
भाई ने पुलिस को सूचना दी। तब तक उसकी जान जा चुकी थी। उसने मारने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा है। व्हाट्स एप पर यह नोट लिखा गया है।
इसमें उसने अपने माता-पिता, बहन और मामी को मौत का जिम्मेदार बताया है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया है। शनिवार को पोस्टमार्टम होगा।
नगर निगम की क्रेन पर तैनात कर्मचारी गौरव पुत्र रणवीर सिंह भदौरिया डफ़रन सराय क्षेत्र में रहता था। उसका भाई और माता-पिता अलग रहते हैं। इनका आपसी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है।
इसके चलते अक्सर गौरव तनाव में रहता था। वह शाम को ड्यूटी से घर पहुँचा। इसके बाद फ़ोन पर ही उसकी बहस हुई। रात को उसने अपने भाई को व्हाट्स ऐप पर वीडियो कॉल किया।
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वीडियो कॉल पर भाई के सामने ही ख़ुद को लाइसेंसी राइफल से गोली मार ली। सूचना मिलते ही पड़ाव थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव फोर्स के साथ पहुंचे।
उसकी मौत हो चुकी थी। कमरे को सील करवाया गया। शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।
सुसाइड नोट के अंश
- मैं गौरव सिंह भदौरिया अपने होश और हवास में आत्महत्या करने जा रहा हूँ। मेरी मौत की जिम्मेदारी रणवीर सिंह भदौरिया, सत्यवती भदौरिया, सीमा परमार पत्नी राकेश परमार और नीतू सिकरवार पत्नी पुष्पराज सिकरवार की होगी।
- यह मुझसे कह रहे थे या तो पाँच लाख रुपए दो या अपने पिताजी की जो तुम्हारे नाम पर ज़मीन है वह नाम करो नहीं तो ज़हर देकर मरवा देंगे।
- इस कारण मैं अपनी आत्महत्या कर रहा हूँ। मेरी मौत के जिम्मेदार यह लोग होंगे। प्रशासन से गुज़ारिश है कि सख़्त से सख़्त सजा दी जाए।
- नीतू सिकरवार को मैं 240000 रुपए दे चुका हूँ। इसके बाद भी मुझसे पैसों की डिमांड की जा रही है।
- मुझसे बोला जा रहा है कि जो तुम्हारे मकान का हिस्सा है वह मुझे चाहिए। नहीं तो मैं तुम्हारे साथ वजूद बड़ा करूँगी।
