मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई कस्बे में 1998 में ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों के घेराव के दौरान फायरिंग की घटना…और पढ़ें

HighLights
- कोर्ट ने कहा- अब अपीलकर्ता खुद अंतिम बहस के लिए तैयार नहीं
- इराक जाने का कोई आवश्यक निजी कारण भी नहीं बताया गया है
- अंतिम बहस के लिए उन्हें अपने मुवक्किल से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता डाॅ. सुनीलम की इराक यात्रा के लिए वीजा अनुमति संबंधी याचिका निरस्त कर दी।
यात्रा की अनुमति देने का कोई औचित्य नहीं बनता
कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2012 से लंबित अपील में स्वयं अपीलकर्ता अंतिम बहस के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में यात्रा की अनुमति देने का कोई औचित्य नहीं बनता।
कोई आवश्यक निजी कारण भी नहीं बताया
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि आवेदन में इराक जाने का कोई आवश्यक निजी कारण भी नहीं बताया गया है। वहीं, अधिवक्ता ने कहा कि अंतिम बहस के लिए उन्हें अपने मुवक्किल से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
पुरानी अपील के लंबित रहने के लिए अपीलकर्ता पक्ष भी जिम्मेदार है
इस पर युगलपीठ ने टिप्पणी की कि 14 वर्ष पुरानी अपील के लंबित रहने के लिए अपीलकर्ता पक्ष भी जिम्मेदार है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों से आम जनता में यह गलत धारणा बनती है कि न्यायालय समय पर काम नहीं कर रहे हैं, जबकि कई बार पक्षकार स्वयं सुनवाई टालते हैं।
एक कर्मचारी को मार डाला था, कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए थे
भीड़ ने एक कर्मचारी को पीट कर मार डाला था। कुछ पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी मामले में सत्र न्यायालय ने वर्ष 2012 में डाॅ. सुनीलम सहित तीन किसान नेताओं को हत्या, हत्या के प्रयास व सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के विरुद्ध दायर अपील हाई कोर्ट में लंबित रही। डाॅ. सुनीलम फिलहाल सशर्त जमानत पर हैं। तभी से उनके वीजा का मामला लंबित है।
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