जबलपुर हाई कोर्ट ने रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर लजवर खानम के वेतन से काटी गई करीब 17 लाख रुपये की राशि वापस नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।

HighLights
- रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के करीब 17 लाख रुपये काटे गए
- सुप्रीम कोर्ट की अपील 12 फरवरी 2026 को खारिज
- पुनर्विचार याचिका लंबित, लेकिन आदेश पर रोक नहीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने रिटायर्ड महिला सब इंस्पेक्टर के वेतन से काटी गई करीब 17 लाख रुपये की राशि अब तक वापस नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह के भीतर पूरी राशि वापस करने के निर्देश दिए हैं।
28 सितंबर को अगली सुनवाई
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं हुआ तो 28 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, तत्कालीन भोपाल एसपी ममतेश माली और पेंशन अधिकारी शोभा भाकरिया को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।
2016 में सेवानिवृत्त हुई थीं
मामला भोपाल की रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर लजवर खानम की अवमानना याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता 30 अप्रैल 2016 को पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुई थीं। याचिका के मुताबिक उनके वेतन से करीब 17 लाख रुपये की वसूली की गई थी। उन्होंने इस कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
11 मई 2024 को आया था आदेश
हाई कोर्ट ने 11 मई 2024 को मामले में आदेश पारित करते हुए याचिकाकर्ता के वेतन से काटी गई पूरी राशि वापस करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता का कहना है कि स्पष्ट आदेश के बावजूद उन्हें राशि अब तक नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने आदेश की अवहेलना को लेकर अवमानना याचिका दायर की।
सुप्रीम कोर्ट की अपील खारिज
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील 12 फरवरी 2026 को खारिज हो चुकी है। हालांकि, फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लंबित है।
पुनर्विचार याचिका से आदेश पर रोक नहीं
हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड देखने के बाद स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर कोई स्थगन नहीं दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल पुनर्विचार याचिका लंबित होने के आधार पर आदेश का पालन रोका नहीं जा सकता। संबंधित अधिकारियों को चार सप्ताह में आदेश का पालन सुनिश्चित करना होगा। राशि वापस नहीं होने पर 28 सितंबर को अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
