कोर्ट ने 15 दिन की अंतिम मोहलत देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में पोर्टल नहीं खोला गया तो शपथ पत्र दाखिल करने वाले अधिकारी एसके पांडेय को अगली सुनवाई पर …और पढ़ें

HighLights
- अदालती आदेश की अनदेखी पर एमपी हाई कोर्ट सख्त
- ऑनलाइन आवेदन पोर्टल न खुलने पर जताई नाराजगी
- अंतरिम आदेश वाले उम्मीदवारों के लिए खुलेगा पोर्टल
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अंतरिम आदेश हैं, उनके लिए संबंधित ऑनलाइन आवेदन (रजिस्ट्रेशन) पोर्टल हर हाल में खोला जाए, ताकि वे अपने आवेदन-पत्र जमा कर सकें।
कोर्ट ने 15 दिन की अंतिम मोहलत देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में पोर्टल नहीं खोला गया तो शपथ पत्र दाखिल करने वाले अधिकारी एसके पांडेय को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
हाई कोर्ट ने विभाग को अंतिम मोहलत
पोर्टल से आशय उस ऑनलाइन भर्ती/आवेदन पोर्टल से है, जिस पर याचिकाकर्ताओं को अपना आवेदन या रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना है। अंतरिम आदेश के बावजूद यह पोर्टल नहीं खोला गया, इसलिए अभ्यर्थी आवेदन ही नहीं कर पा रहे थे। इसी कारण हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए विभाग को अंतिम मोहलत दी है।
पूर्व आदेशों के बावजूद पोर्टल न खुलने पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी क्रमांक नौ की ओर से अधिवक्ता प्रवीण नामदेव ने न्यायालय को बताया कि 30 जून, 2026 के आदेश के पालन में शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पोर्टल खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है।
इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व आदेशों के बावजूद अब तक पोर्टल शुरू नहीं किया गया है। कोर्ट ने प्रतिवादी को 15 दिन का अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया कि अंतरिम राहत प्राप्त याचिकाकर्ताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोला जाए, ताकि वे न्यायालय के अंतरिम आदेश के अनुरूप अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकें।
