मध्यप्रदेश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस और नवीनीकरण प्रक्रिया तेज होगी। गृह विभाग ने पुलिस जांच रिपोर्ट 15 दिन में भेजने और तय समय-सीमा का पा…और पढ़ें

HighLights
- नए लाइसेंस आवेदनों का निराकरण अब 60 दिनों में होगा।
- लाइसेंस नवीनीकरण के आवेदन 30 दिनों में निपटाए जाएंगे।
- जांच रिपोर्ट 15 दिनों में भेजना अब अनिवार्य किया गया।
डिजिटल डेस्क। मध्यप्रदेश में निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस और नवीनीकरण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए गृह विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय समीक्षा में कई जिलों में चरित्र सत्यापन और पुलिस जांच रिपोर्ट समय पर नहीं भेजे जाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पाए गए।
उसके बाद गृह विभाग ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। अब जांच पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन संबंधित कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा, ताकि आवेदकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
नए नियमों के तहत तय हुई समय-सीमा
- गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार नए लाइसेंस के आवेदनों का निराकरण अधिकतम 60 दिनों में किया जाएगा, जबकि लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े मामलों का फैसला 30 दिनों के भीतर करना होगा।
- वहीं, पुलिस जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रतिवेदन 15 दिनों के अंदर भेजना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सत्यापन प्रक्रिया होगी अधिक प्रभावी
- प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 के तहत एजेंसी कार्यालय का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही संचालक के चरित्र का सत्यापन क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) और आईसीजेएस के माध्यम से किया जाएगा।
- अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदकों को केवल आवश्यकता होने पर ही बुलाया जाए और बिना कारण कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए।
बैंक, अस्पताल और उद्योगों पर पड़ता है सीधा असर
- निजी सुरक्षा एजेंसियां बैंक, एटीएम, अस्पताल, स्कूल, मॉल और औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में लाइसेंस जारी होने या नवीनीकरण में देरी का असर सीधे इन संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है।
- गृह विभाग का मानना है कि समयबद्ध प्रक्रिया लागू होने से नई एजेंसियों को राहत मिलेगी और सुरक्षा सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
